गोरखपुर
टीईटी परीक्षा में फर्जी आधार कार्ड के सहारे शामिल होने पहुंचा अभ्यर्थी गिरफ्तार
बायोमेट्रिक सत्यापन में खुली पोल, कूटरचित दस्तावेजों के सहारे परीक्षा देने का था प्रयास
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 के दौरान गोरखपुर में फर्जी आधार कार्ड के सहारे परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामला शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित जनता इंटर कॉलेज, चरगांवा परीक्षा केंद्र का है, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पूर्व सभी अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और बायोमेट्रिक का सत्यापन किया जा रहा था। इसी दौरान एक अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत आधार कार्ड में तकनीकी जांच के दौरान छेड़छाड़ के संकेत मिले। बायोमेट्रिक मिलान न होने पर केंद्र प्रशासन ने दस्तावेजों की गहन जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया स्पष्ट हुआ कि अभ्यर्थी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में शामिल होने का प्रयास कर रहा था।
सूचना मिलने पर शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान देवप्रकाश वर्मा, पुत्र रामधनी, निवासी ग्राम धोसड़े मिश्र, थाना पैकोलिया, जनपद बस्ती के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से मिले दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में शाहपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 310/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम की धारा 4(1) एवं 13(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेज किसकी मदद से तैयार किए गए तथा इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यूपीटीईटी-2026 को नकलविहीन एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, आधार जांच, सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। इसी सतर्कता के चलते फर्जी दस्तावेजों के सहारे परीक्षा देने का प्रयास समय रहते विफल हो गया।
