गाजीपुर
झोपड़ी में संघर्ष, कागज़ों में गुम अधिकार: सरकारी योजनाओं से वंचित मनायी देवी की दर्दभरी दास्तान
पति के मृत्यु प्रमाण पत्र और बच्चों के आधार कार्ड न होने से पेंशन व सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला
सृष्टि सेवा ट्रस्ट ने बढ़ाया मदद का हाथ, दस्तावेज बनवाकर योजनाओं से जोड़ने का लिया संकल्प
गाजीपुर (मरदह)। मरदह विकास खंड के गोविंदपुर क्षेत्र में रहने वाली मनायी देवी का परिवार आज भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होकर अभावों में जीवन यापन कर रहा है। गरीबी, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और सामाजिक चुनौतियों के कारण परिवार वर्षों से संघर्ष कर रहा है।
इसी क्रम में सृष्टि सेवा ट्रस्ट के संस्थापक एवं निदेशक राजकुमार मौर्य मनायी देवी के घर पहुंचे और परिवार की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

मनायी देवी ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन सका, जिसके कारण उन्हें विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया। वहीं बच्चों के आधार कार्ड नहीं बनने से वे विभिन्न सरकारी योजनाओं से भी वंचित हैं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि परिवार कच्ची झोपड़ी में रहने को मजबूर है। मनायी देवी भीख मांगकर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती हैं, जबकि उनके भाई शनिदेवाल राम दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार की मदद करते हैं।
राजकुमार मौर्य ने कहा कि ऐसे जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रस्ट परिवार के आवश्यक दस्तावेज बनवाने, पात्र योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास करेगा।
परिवार ने ट्रस्ट से सहयोग की उम्मीद जताते हुए कहा कि यदि उनके आवश्यक दस्तावेज बन जाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके, तो उनके बच्चों का भविष्य बेहतर हो सकता है।
मनायी देवी का मामला उन अनेक जरूरतमंद परिवारों की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है, जो पात्र होने के बावजूद केवल दस्तावेजों के अभाव में सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।
