गोरखपुर
सरकारी पोखरी और ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
सोमही गांव में जल निकासी प्रभावित होने की आशंका, राजस्व टीम से पैमाइश कर कार्रवाई की मांग
गोरखपुर। बांसगांव तहसील के कौड़ीराम विकासखंड अंतर्गत ग्राम सोमही में सरकारी भूमि एवं ग्राम समाज की पोखरी संख्या-203 पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार जिस पोखरी का उपयोग कभी जल संचयन, पशुओं के पेयजल और वर्षा जल निकासी के लिए होता था, उसका बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। इससे गांव की जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार इस मामले में तहसीलदार बांसगांव न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत वाद विचाराधीन है। इसके बावजूद मौके से अतिक्रमण हटाने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी भूमि का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
गांव निवासी विनायक मिश्र सहित दर्जनों ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत एवं संबंधित विभागों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि शासन और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकारी भूमि, तालाबों और पोखरों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गोरखपुर, उपजिलाधिकारी बांसगांव तथा तहसील प्रशासन से राजस्व टीम द्वारा तत्काल पैमाइश कराकर सरकारी भूमि एवं पोखरी को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री पोर्टल, जनसुनवाई मंच और अन्य सक्षम अधिकारियों से शिकायत करने के साथ लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन शुरू करने के लिए भी बाध्य होंगे।
