वाराणसी
ऑस्ट्रेलिया की संसद में प्रो. निर्मला एस. मौर्य को मिला ‘भारत गौरव अवार्ड’
हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हुआ सम्मान
वाराणसी। शिवपुरवा स्थित गणेश बाग नर्सरी कंपाउंड की निवासी, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. निर्मला एस. मौर्य को ऑस्ट्रेलिया की संसद में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में ‘भारत गौरव अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। उनके इस सम्मान से वाराणसी, जौनपुर समेत पूरे पूर्वांचल में खुशी और गौरव का माहौल है।
मेलबर्न में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समारोह में मिला सम्मान
मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) में 10 जून को पार्लियामेंट ऑफ विक्टोरिया के क्वीन्स हॉल में आयोजित समारोह में भारतीय संस्कृति, शिक्षा और वैश्विक समन्वय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 25 विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें प्रो. निर्मला एस. मौर्य का नाम प्रमुख रूप से शामिल रहा।
कार्यक्रम में भारत सहित 18 देशों के प्रतिनिधियों, राजनयिकों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों तथा आध्यात्मिक जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान को मिली वैश्विक पहचान
समारोह में विक्टोरिया सरकार के पर्यावरण मंत्री स्टीव डिमोपोलोस, विक्टोरियन मल्टीकल्चरल कमीशन के अध्यक्ष विवियन गुयेन एएम तथा सांसद मेंग हेंग टेक सहित कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां उपस्थित रहीं। अवार्ड समारोह के दौरान ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित नागरिकों एवं भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार-प्रसार में निभाई अहम भूमिका
प्रो. निर्मला एस. मौर्य को तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, शोध कार्यों तथा अकादमिक गतिविधियों को नई दिशा देने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
उन्होंने हिंदी को रोजगार और आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे भाषा के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा मिला है।
शिक्षा, शोध और महिला सशक्तीकरण में रहा महत्वपूर्ण योगदान
प्रो. मौर्य के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में शोधार्थियों ने उच्च स्तरीय शोध कार्य संपन्न किए हैं। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।
पूर्वांचल में खुशी की लहर
प्रो. निर्मला एस. मौर्य को मिले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर शिक्षाविदों, विश्वविद्यालय परिवार और सामाजिक संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि यह सम्मान न केवल प्रो. मौर्य की उपलब्धि है, बल्कि पूर्वांचल और हिंदी जगत के लिए भी गौरव का विषय है।
