मिर्ज़ापुर
मेडिकल कॉलेज की आउटसोर्सिंग भर्तियों में धांधली का आरोप
डीएम ने मांगी जांच रिपोर्ट
आप ने वाजपेयी वेंडर पर नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप, प्रधानाचार्य को सात दिन में जांच पूरी करने का निर्देश
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में आउटसोर्सिंग के माध्यम से हुई नियुक्तियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रतिनिधिमंडल ने आउटसोर्सिंग एजेंसी वाजपेयी वेंडर पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप
आप नेताओं का आरोप है कि वाजपेयी वेंडर के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में की गई आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में पारदर्शी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। आरोप लगाया गया कि नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ चहेते लोगों को नियुक्तियों में प्राथमिकता दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने भर्ती से जुड़े सभी दस्तावेजों और प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सात दिन में देनी होगी रिपोर्ट
ज्ञापन के बाद जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जवाब तलब किया। प्रधानाचार्य को निर्देश दिया गया है कि वाजपेयी वेंडर के माध्यम से हुई सभी आउटसोर्सिंग नियुक्तियों की बिंदुवार जांच कराई जाए। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभिलेखों का सत्यापन करने के साथ नियुक्तियों में निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने पूरी जांच रिपोर्ट सात दिन के भीतर अपने कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है।
जिला प्रशासन के निर्देश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल बढ़ गई है। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियुक्तियों में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक अथवा कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
