मिर्ज़ापुर
शाम होते ही थम जाती है मिर्जापुर की रफ्तार
प्रमुख चौराहों पर भीषण जाम
अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और बेतरतीब ई-रिक्शा संचालन से बिगड़ी यातायात व्यवस्था, रोज परेशान हो रहे लोग
मिर्जापुर। जनपद में शाम होते ही यातायात व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है। शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। दफ्तर, बाजार और शिक्षण संस्थानों से लौटने वाले लोग घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए दिखाई देते हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा जाम
वासलीगंज और गिरधर का चौराहा संकरे मार्ग और अतिक्रमण के कारण प्रभावित हैं। तहसील चौराहा और डंकीनगंज में बाजार की भीड़ के साथ बेतरतीब खड़े वाहन जाम बढ़ा रहे हैं। भरुहना चौराहा और आमघाट मार्ग पर भारी वाहनों के दबाव तथा निर्माण और डायवर्जन के कारण यातायात प्रभावित है। वहीं शास्त्री पुल और कछवां मार्ग के पहुंच मार्ग पर बड़े वाहनों और ऑटो के जमावड़े से शाम के समय स्थिति गंभीर हो जाती है।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग बनी बड़ी वजह
चौराहों और सड़कों के किनारे बेतरतीब पार्किंग से सड़कें संकरी हो रही हैं। फुटपाथों पर रेहड़ी-पटरी और दुकानों का सामान फैलने से पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए निर्धारित स्टैंड नहीं होने के कारण चालक चौराहों के आसपास ही वाहन रोककर सवारियां बैठाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।
मरीजों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
जाम का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और मरीजों पर पड़ रहा है। आपात स्थिति में एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि शाम के समय जाम के कारण ग्राहक बाजार आने से भी बचने लगे हैं, जिसका असर कारोबार पर पड़ रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कार्रवाई के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों ने प्रमुख चौराहों पर स्थायी पुलिस पिकेट लगाने, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने तथा ई-रिक्शा और ऑटो के लिए रूट व स्टैंड निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही खराब ट्रैफिक सिग्नलों को दुरुस्त कर शाम के व्यस्त समय में पर्याप्त यातायात पुलिस की तैनाती की मांग की गई है।
