मिर्ज़ापुर
चार महीने में जर्जर हुआ आमघाट पुल, सेतु निर्माण निगम पर उठे सवाल
दरारों और सड़क धंसने से बढ़ा हादसे का खतरा
निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
मिर्जापुर। जिले के आमघाट में महज चार महीने पहले निर्मित पुल के जर्जर होने का मामला सामने आने के बाद सेतु निर्माण निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के मुख्य हिस्सों में दरारें पड़ गई हैं, सड़क धंसने लगी है और पिलर के आसपास मिट्टी का क्षरण हो रहा है। पहली बारिश के बाद ही पुल की स्थिति खराब होने से लोगों में आक्रोश है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुल निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, कंक्रीट मिश्रण और नींव की मजबूती की जांच की जानी चाहिए। लोगों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है।
हालांकि निर्माण में भ्रष्टाचार या घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी से बढ़ी चर्चा
पुल की बदहाली का मामला सामने आने के बाद सेतु निर्माण निगम के कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित गैरमौजूदगी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि अधिकारियों के कार्यालय से अनुपस्थित रहने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कार्रवाई और जांच की मांग
आमघाट पुल के जल्द जर्जर होने से नाराज स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुल की तकनीकी स्थिति की तत्काल जांच कराई जाए और सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर आवागमन जारी रहने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन को पुल की सुरक्षा का तत्काल आकलन कर आवश्यक यातायात प्रतिबंध लगाने चाहिए।
