वाराणसी
ऑपरेशन वज्रपात: अपराधियों के डिजिटल साम्राज्य पर पुलिस का बड़ा प्रहार
वाराणसी परिक्षेत्र में 1080 संदिग्ध चिन्हित, 554 आपत्तिजनक सोशल मीडिया प्रोफाइल किए गए टेकडाउन
अपराध, गैंग संस्कृति और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर नकेल कसने के लिए चला विशेष अभियान
वाराणसी। अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से आपराधिक प्रभाव स्थापित करने, गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने तथा समाज में भय और दहशत का माहौल बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण के निर्देशन में वाराणसी परिक्षेत्र के जनपद जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली में विशेष अभियान ऑपरेशन वज्रपात चलाया गया।
अभियान का उद्देश्य केवल पारंपरिक पुलिस कार्रवाई तक सीमित न रहकर अपराधियों के संपूर्ण आपराधिक, सामाजिक, आर्थिक एवं डिजिटल नेटवर्क को चिन्हित कर उसे निष्प्रभावी बनाना रहा। इसके तहत संगठित अपराध और गैंग संस्कृति पर नियंत्रण स्थापित करने, अपराध के महिमामंडन को रोकने तथा युवाओं को अपराधी संस्कृति के प्रभाव से बचाने के लिए व्यापक कार्रवाई की गई।
165 समूहों के 1080 सदस्य चिन्हित
अभियान के प्रथम चरण में विस्तृत सर्वेक्षण एवं विश्लेषण के दौरान तीनों जनपदों में कुल 165 ऐसे समूहों के 1080 सदस्यों को चिन्हित किया गया, जो विभिन्न माध्यमों से स्थानीय स्तर पर आपराधिक प्रभाव स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे। प्रत्येक चिन्हित व्यक्ति का विस्तृत डोजियर तैयार कर उसके आपराधिक इतिहास, गैंग संबंधों, सोशल मीडिया गतिविधियों और जनसुरक्षा पर प्रभाव का आकलन किया गया।
चरणबद्ध विधिक कार्रवाई की रणनीति
पुलिस ने चिन्हित व्यक्तियों के खिलाफ उनके अपराध और सामाजिक खतरे के स्तर के अनुसार चरणबद्ध विधिक कार्रवाई की। इसके अंतर्गत चेतावनी एवं परामर्श, निवारक कार्रवाई, मुकदमा पंजीकरण, हिस्ट्रीशीट खोलना, गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई तथा आवश्यकतानुसार गैंगस्टर एक्ट एवं अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई शामिल रही।
सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
अभियान के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर अपराधियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की गई। ऐसे प्रोफाइल चिन्हित किए गए जो अपराधियों का महिमामंडन कर रहे थे, अवैध हथियारों का प्रदर्शन कर रहे थे, गैंग गतिविधियों का प्रचार कर रहे थे या समाज में भय का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे थे।
तकनीकी परीक्षण एवं सोशल मीडिया कंपनियों के सहयोग से कुल 554 आपत्तिजनक सोशल मीडिया प्रोफाइल टेकडाउन कराए गए। इनमें जौनपुर के 192, गाजीपुर के 250 तथा चंदौली के 112 प्रोफाइल शामिल हैं।
पीड़ितों के हित में पुलिस बनी वादी
पुलिस ने ऐसे मामलों में, जहां पीड़ित भयवश शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचाते हैं, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्वयं वादी बनकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की। साथ ही चिन्हित अपराधियों की सतत निगरानी एवं समीक्षा की व्यवस्था भी लागू की गई है।
पुलिस विभाग के अनुसार, “ऑपरेशन वज्रपात” उत्तर प्रदेश पुलिस की एक अभिनव और परिणामोन्मुख पहल है, जिसका उद्देश्य अपराधियों के भौतिक, सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल प्रभाव तंत्र को एक साथ समाप्त करना है। अभियान के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून के विरुद्ध कार्य करने वालों को न वास्तविक दुनिया में और न ही डिजिटल मंचों पर कोई सुरक्षित स्थान मिलेगा।
