Uncategorized
कान्हा गौशाला की रिटेनिंग वॉल निर्माण में अनियमितता का आरोप, सभासद ने डीएम से की जांच की मांग
एक ही कार्य के लिए दोबारा टेंडर जारी होने पर उठे सवाल
सैदपुर (गाजीपुर)। नगर पंचायत सैदपुर के वार्ड संख्या-13 गंगानगर के निर्वाचित सभासद सुनील यादव ने कान्हा गौशाला की रिटेनिंग वॉल निर्माण परियोजना में वित्तीय अनियमितता और राज्य निधि के संभावित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
1.59 करोड़ के टेंडर के बाद 46.72 लाख का नया टेंडर जारी होने पर आपत्ति
सभासद द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार नगर पंचायत सैदपुर ने लगभग नौ माह पूर्व कान्हा गौशाला की रिटेनिंग वॉल निर्माण के लिए 1.59 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। शिकायत में दावा किया गया है कि उक्त परियोजना के तहत करीब 30 प्रतिशत निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है।
इसके बावजूद नगर पंचायत द्वारा 8 जून 2026 को उसी रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य के लिए 46.72 लाख रुपये का एक नया टेंडर जारी कर दिया गया, जिस पर सभासद ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
राज्य निधि के दुरुपयोग की जताई आशंका
सभासद सुनील यादव का आरोप है कि जब पहले से निर्माण कार्य चल रहा है, तब उसी कार्य के लिए पुनः टेंडर जारी किया जाना वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने शिकायत की प्रतिलिपि उपजिलाधिकारी सैदपुर और अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत सैदपुर को भी प्रेषित की है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी लोगों की निगाहें
मामले के सामने आने के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ा गंभीर मामला है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और संभावित जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
सभासद का आरोप
- 1.59 करोड़ रुपये का टेंडर पहले से स्वीकृत।
- लगभग 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने का दावा।
- उसी कार्य के लिए 46.72 लाख रुपये का नया टेंडर जारी।
- वित्तीय अनियमितता एवं राज्य निधि के दुरुपयोग की आशंका।
- जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग।
