गोरखपुर
नाली और सड़क निर्माण को लेकर बड़हलगंज में विवाद, जांच की उठी मांग
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने लगाया अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप
गोरखपुर | बड़हलगंज के दीनदयाल उपाध्याय नगर (धूनियाटोला) में चल रहे नाली एवं सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं समाजवादी व्यापार सभा गोरखपुर के जिलाध्यक्ष सूरज जायसवाल ने निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
पुरानी नाली पर नई नाली निर्माण का आरोप
शिकायत पत्र में सूरज जायसवाल ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में पुरानी नाली को हटाने के बजाय उसके ऊपर ही नई नाली का निर्माण कराया जा रहा है। उनके अनुसार यह कार्य तकनीकी मानकों के विपरीत है और भविष्य में जल निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकता है।
बरसात में घरों में घुस सकता है गंदा पानी
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि नई नाली का स्तर ऊंचा होने से वर्षा के दौरान गंदा पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पारदर्शिता पर भी उठाए सवाल
सूरज जायसवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों के विरोध और शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि परियोजना से संबंधित टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय स्वीकृतियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता का परीक्षण कराने की मांग की है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
अधिशासी अधिकारी ने दी सफाई
विवाद के बीच अधिशासी अधिकारी राम समुख ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुरानी नाली लगभग 20 से 25 वर्ष पुरानी थी और उसका स्तर मुख्य नाले से नीचे हो गया था। इसके कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी।
उन्होंने बताया कि तकनीकी आवश्यकता के अनुसार पुराने नाले को बंद कर उसके ऊपर नया नाला बनाया जा रहा है, ताकि वर्षा जल और गंदे पानी की सुचारु निकासी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है।
