गोरखपुर
एमएमएमयूटी में समर इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
विद्यार्थियों को मिलेगी एआई, ड्रोन, रोबोटिक्स और वीएलएसआई जैसी आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित छह सप्ताहीय समर इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को विभाग के विवेकानंद हॉल में भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने की। इस अवसर पर कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी, विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विभागाध्यक्ष एवं प्रधान समन्वयक प्रो. एस. के. सोनी ने कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। समन्वयक डॉ. राज कुमार सिंह एवं डॉ. आलोक कुमार शुक्ला ने अन्य अतिथियों का स्वागत किया।
छह सप्ताह तक मिलेगा अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण
अपने स्वागत संबोधन में प्रो. एस. के. सोनी ने विभाग की उपलब्धियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की गतिविधियों तथा समर इंटर्नशिप कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि छह सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा वीएलएसआई डिजाइन एंड सिमुलेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ग्रामीण विकास और कृषि में तकनीक के उपयोग पर जोर
कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान का उपयोग ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए करने का आह्वान किया।
“चिप टू स्टार्टअप” परियोजना की दी जानकारी
वीएलएसआई इंटर्नशिप के प्रधान समन्वयक प्रो. आर. के. चौहान ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “चिप टू स्टार्टअप (C2S)” परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर एवं वीएलएसआई डिजाइन के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करना तथा नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
कौशल आधारित प्रशिक्षण समय की आवश्यकता : कुलपति
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि वर्तमान एआई युग में विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ने, उनकी नवाचार क्षमता विकसित करने और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने और अनुसंधान व नवाचार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
अतिथियों का सम्मान, राष्ट्रगान के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता यादव ने प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन समारोह का समापन हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह छह सप्ताहीय समर इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए छात्र-छात्राएं भाग लेकर आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
