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नेपाल : कर्णाली के सुर्खेत में एडवेंचर और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावना
नेपाल में बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद उत्तर प्रदेश और नेपाल के बीच पर्यटन सहयोग को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद जगी है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर्स ने यहां गहन मंथन किया और क्रॉस बॉर्डर टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन तथा एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर साझा रणनीति बनाने पर सहमति जताई। कर्णाली टीटूरिज्म मीट 2026 में उत्तर प्रदेश के ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर्स, टूरिस्ट गाइड्स, होटलियर्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के साथ नेपाल सरकार के मंत्री, नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अधिकारी और स्थानीय पर्यटन संगठनों ने दोनों देशों के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने और पर्यटकों की द्विपक्षीय आवाजाही बढ़ाने का फैसला लिया।

नेपाल टूरिज्म बोर्ड और संबंधित प्रतिनिधियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश से नेपाल प्रवेश की प्रक्रिया आसान होने के कारण भारतीय पर्यटक नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर का भरपूर आनंद ले सकते हैं। वहीं, यूपी के स्टेकहोल्डर्स ने नेपाल से आने वाले विदेशी पर्यटकों को अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करने के पैकेज तैयार करने पर जोर दिया।

नेपाल के कर्णाली प्रदेश की राजधानी सुर्खेत प्रकृति और साहसिक पर्यटन का अनमोल खजाना है। कर्णाली के पर्यटन मंत्री सुरेश अधिकारी ने सुर्खेत की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सुर्खेत पहाड़ों से घिरा, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर क्षेत्र है जहां पर्यटक प्रकृति का करीबी अनुभव कर सकते हैं। यहां कर्णाली नदी में रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियां पहले से चल रही हैं। देश-विदेश के पर्यटक वादियों में बैठकर शांत वातावरण का लुत्फ उठाते हैं।” नेपाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के सचिव मुकुंद निरौला ने जोड़ा कि सुर्खेत ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन रहा है। यहां शक्तिपीठ भी है, जहां श्रद्धालु देवी के दर्शन कर मनोकामनाएं पूरी करते हैं। स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और लोक कलाएं पर्यटकों को यादगार अनुभव प्रदान करती हैं।

मेयर मोहन माया धकाल, नेपाल टूरिज्म बोर्ड के सीईओ हिक्मत सिंह, पर्यटन अभियंता श्रीराम सिंग्देल, होटल व्यवसायी महासंघ सुर्खेत के अध्यक्ष तर्क बहादुर शाह, गुरासे गांवपालिका अध्यक्ष टोप बहादुर बिसी, पर्यटन व्यवसायी पद्म बहादुर शाही और नीरक कैसी ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं, संस्कृति और व्यंजनों की जानकारी दी। उन्होंने जोर दिया कि सुर्खेत कर्णाली का प्रवेश द्वार है और यहां पर्यटक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है।
स्टेकहोल्डर्स ने सुझाव दिया कि भारत-नेपाल के प्रमुख तीर्थस्थलों को जोड़ने वाला विशेष ट्रैक विकसित किया जाए। ट्रैकिंग, माउंटेन क्लाइंबिंग, रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय स्थापित हो। उत्तर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए नेपाल से आने वाले पर्यटकों के विशेष पैकेज तैयार किए जाएं।

लखनऊ के ट्रैवल एजेंट राजेश सिन्हा, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स चंदन पाण्डेय, सैय्यद मोहम्मद फुजैल, निशांत चौरसिया, पीयूष राय, रवि प्रकाश और धीरज सिंह ने कहा कि बार्डर पर इमिग्रेशन, कस्टम, ट्रांसपोर्ट, पुलिस और पर्यटन विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। साझा मार्केटिंग अभियान, सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ट्रैवल मार्ट और रोड शो के जरिए दोनों देशों के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रमोट किया जाए।

सभी ने एक स्वर में कहा कि क्रॉस बॉर्डर पर्यटन से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और दोनों देशों के बीच मित्रता भी मजबूत होगी। रूपईडीहा (बहराइच) से नेपालगंज और फिर सुर्खेत तक की छोटी दूरी इसे और सुविधाजनक बनाती है। यह बैठक पर्यटन क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकती है। दोनों पक्षों ने साझा प्रयासों से पर्यटकों को विविध, सुरक्षित और यादगार अनुभव देने का संकल्प लिया है।
