वाराणसी
पेट्रोल-डीजल किल्लत के बीच बढ़ी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग
वाराणसी। जिले में पेट्रोल और डीजल की हालिया किल्लत के बीच लोगों का रुझान अब ईको-फ्रेंडली और किफायती वाहनों की ओर तेजी से बढ़ा है। परिवहन विभाग और वाराणसी ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शहर में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
साल 2026 में एक मार्च से 20 मई तक 81 दिनों के भीतर रिकॉर्ड 2819 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री हुई, जबकि 2025 की इसी अवधि में यह संख्या केवल 848 थी। टू-व्हीलर सेगमेंट में जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है, वहीं फोर-व्हीलर श्रेणी में इलेक्ट्रिक कारों की सीमित उपलब्धता के कारण ग्राहकों ने सीएनजी और हाइब्रिड तकनीक वाली गाड़ियों को प्राथमिकता दी है। इन वाहनों पर फिलहाल दस दिन की वेटिंग चल रही है। पिछले दस दिनों में हाइब्रिड और सीएनजी कारों की बुकिंग का ग्राफ अचानक दोगुना हो गया है।

ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि पहले शहर में प्रतिदिन औसतन 100 हाइब्रिड और सीएनजी गाड़ियों की बिक्री होती थी, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह आंकड़ा बढ़कर 200 वाहन प्रतिदिन तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि शोरूम्स में रोजाना करीब 600 इंक्वायरी भी आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि दिसंबर के सहालग के लिए कार खरीदने वाले लोग अभी से एडवांस बुकिंग और विभिन्न मॉडलों की जानकारी लेने लगे हैं।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष यूआर सिंह ने कहा कि हाइब्रिड तकनीक की कारें वाराणसी के भारी ट्रैफिक और जाम वाले रास्तों में भी बेहतरीन और किफायती माइलेज देती हैं, जिसके चलते ग्राहकों का झुकाव सबसे ज्यादा इसी ओर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि ये गाड़ियां पेट्रोल और बैटरी दोनों के संयोजन से चलती हैं, इसलिए लंबी दूरी तय करने में चार्जिंग की चिंता नहीं रहती। इस श्रेणी में ग्राहक टोयोटा की इनोवा को सबसे अधिक पसंद कर रहे हैं।
वर्तमान में बाजार में सीएनजी कारों की कीमत 6 लाख से 15 लाख रुपये तक है, जबकि हाइब्रिड मॉडलों की शुरुआती कीमत 14 लाख से 20 लाख रुपये तक पहुंच रही है। डीलर्स के अनुसार, इस समय प्रमुख वाहन कंपनियों की कुल बिक्री में अकेले सीएनजी गाड़ियों की हिस्सेदारी 40 फीसदी तक हो गई है।
