वाराणसी
BHU ईसी की आज अहम बैठक, एजेंडों पर होगा फैसला
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में इस वर्ष की पहली एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें प्रशासनिक, शैक्षणिक, नियुक्ति, सुरक्षा और छात्र सुविधाओं से जुड़े कुल 42 एजेंडों पर चर्चा के साथ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। बैठक को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में पहले से हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक बैठक होलकर हाउस भवन में सुबह 11 बजे शुरू होगी और इसके छह से सात घंटे तक चलने की संभावना है। बैठक की अध्यक्षता कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी करेंगे। हाल ही में कुलसचिव नियुक्त किए गए राजन श्रीवास्तव अभी कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं, इसलिए इस बैठक में पुराने कुलसचिव प्रो. अरुण सिंह सचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे। बताया जा रहा है कि राजन श्रीवास्तव अगले सप्ताह तक औपचारिक रूप से पदभार संभाल सकते हैं।

बैठक में विश्वविद्यालय के कई संवेदनशील और चर्चित मुद्दों पर विस्तार से मंथन होने की संभावना है। इनमें मेडिकल सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति, शिक्षकों के हालिया विरोध प्रदर्शन, संविदा कर्मचारियों का धरना और स्थायी नियुक्ति की मांग प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। इसके अलावा पिछले नौ महीनों में हुई नियुक्तियों की समीक्षा, काडर आधारित प्रमोशन, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा छात्रावासों में सुविधाएं बढ़ाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी।
ईसी बैठक में विश्वविद्यालय की दो एकेडमिक काउंसिल बैठकों में लिए गए निर्णयों पर अंतिम मुहर लग सकती है। साथ ही कुलसचिव और परीक्षा नियंता की नियुक्तियों को भी अनुमोदन मिलने की संभावना जताई जा रही है। हाल के महीनों में विश्वविद्यालय प्रशासन के कुछ फैसलों को लेकर परिसर में चर्चाएं तेज रही हैं, ऐसे में ईसी सदस्यों की नजर इन मुद्दों पर विशेष रूप से बनी हुई है।

बैठक में शामिल होने वाले जनप्रतिनिधियों और सदस्यों की भूमिका भी इस बार महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे, वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी और भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल प्रशासन से कई मामलों पर सवाल पूछ सकते हैं। खासकर नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और परिसर की व्यवस्था को लेकर जवाब-तलब होने की संभावना है।बैठक में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति योगेश सिंह भी सदस्य के रूप में मौजूद रहेंगे। इनके अलावा समाजशास्त्र विभाग के प्रो. ओम प्रकाश भारतीय, प्रो. श्वेता प्रसाद, प्रो. बेचन लाल और रेडियोथेरेपी विभाग के प्रो. उदय कुमार शाही भी शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह बैठक आने वाले शैक्षणिक सत्र और प्रशासनिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेष रूप से छात्र सुविधाओं, नियुक्तियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े फैसलों का असर विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
