वाराणसी
वाराणसी को स्वच्छता रैंकिंग में पहला स्थान, सीडीओ ने ग्रामीणों को दिया श्रेय
वाराणसी। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से जारी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 में वाराणसी को सेंट्रल जोन का नंबर-1 जिला घोषित किया गया है।
बीती रात जारी हुई इस स्वच्छता रैंकिंग में वाराणसी को जिलों में पहला स्थान मिला, जबकि उत्तर प्रदेश को राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इसके बाद सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद देते हुए इस उपलब्धि में उनके सहयोग की सराहना की।
गांव की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कराया गया था सर्वे
सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने गांवों में स्वच्छता की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए यह सर्वेक्षण कराया था। इसमें गांवों में शौचालयों की स्थिति, उनकी उपलब्धता, नियमित उपयोग, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, सामुदायिक शौचालयों की स्थिति तथा ग्रामीणों की संतुष्टि को आधार बनाया गया था।
वाराणसी जिले में 95 प्रतिशत इस्तेमाल कर रहे शौचालय
सीडीओ ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी जिले में 93 प्रतिशत ग्रामीणों के पास शौचालय उपलब्ध हैं। इनमें से 95 प्रतिशत परिवार नियमित रूप से शौचालय का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा शौचालय उपयोग के बाद 98 प्रतिशत परिवार हाथ धोते पाए गए, जिनमें 88 प्रतिशत लोग हाथ धोने के लिए साबुन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
58 प्रतिशत परिवार रखते हैं कचरे की समझ
सीडीओ ने बताया कि रैंकिंग में मिले प्रतिशत के अनुसार वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में कुल 58 प्रतिशत लोग जैविक और अजैविक कचरे को अलग-अलग रखने की समझ रखते हैं। वहीं 47 प्रतिशत परिवार गैर जैविक कचरे को कबाड़ी वालों को बेचते हैं। इसके अलावा 39 प्रतिशत गांवों में कम्युनिटी सेनेटरी कॉम्प्लेक्स पाए गए, जिनमें 98 प्रतिशत चालू हालत में मिले।
देश के 744 जिलों में सर्वे
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने देश के 744 जिलों के 20,659 गांवों का सर्वे कराया था। इसके तहत 3,22,033 ग्रामीण परिवारों और 1,03,607 सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सामुदायिक शौचालय परिसरों का निरीक्षण कर रैंकिंग जारी की गई।
