बलिया
सिकंदरपुर में गूंजे जयघोष, धूमधाम से निकली ऐतिहासिक रथ यात्रा और महावीरी झंडा जुलूस
अस्त्र-शस्त्र कला के प्रदर्शन ने मोहा लोगों का मन, ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आयोजन
तीन जिलों की पुलिस फोर्स रही तैनात, 1500 से अधिक जवानों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
सिकंदरपुर (बलिया)। भगवान जगन्नाथ की तर्ज पर सिकंदरपुर कस्बे में हर वर्ष की तरह इस बार भी ऐतिहासिक रथ यात्रा और महावीरी झंडा जुलूस श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ निकाला गया। गुरुवार देर शाम चतुर्भुज नाथ मंदिर से शुरू हुआ भव्य जुलूस विभिन्न पारंपरिक मार्गों से होते हुए देर रात डोमनपुरा स्थित चतुर्भुज नाथ मंदिर पहुंचकर सकुशल संपन्न हुआ।
जुलूस मैनापुर, बड्ढा, रहिलापाली, भिखपुरा, जलालीपुर, बस स्टेशन सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान पूरा कस्बा केसरिया ध्वजों, आकर्षक बैनरों और ‘जय श्री राम’ व ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र कला का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
अभेद्य रही सुरक्षा व्यवस्था
ऐतिहासिक आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। आजमगढ़ परिक्षेत्र के डीआईजी ने जिला प्रशासन के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह स्वयं देर रात तक सड़कों पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
नगर को 2 जोन और 7 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा की कमान संभाली गई। आयोजन स्थल और जुलूस मार्गों पर 3 एएसपी, 8 सीओ, 51 थाना प्रभारियों सहित करीब 1500 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहीं। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई।
नगर पंचायत ने किए व्यापक इंतजाम
आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर की ओर से जुलूस मार्गों पर विशेष साफ-सफाई व्यवस्था की गई। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए अतिरिक्त जनरेटर लगाए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर महाप्रसाद और शरबत वितरण की व्यवस्था की गई। स्थानीय नागरिकों और बच्चों ने भी जगह-जगह स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों के बेहतर समन्वय से ऐतिहासिक रथ यात्रा और महावीरी झंडा जुलूस शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ।
