वाराणसी
‘सही बात बोलने से वोट नहीं खिसकता, आरक्षण पर ओमप्रकाश राजभर ने बेबाक बात रखी’ : जितेंद्रनाथ पाण्डेय
प्रबुद्ध सम्मेलन में भाजपा नेता ने मंत्री के बयान का किया समर्थन, कहा—गरीबों और पिछड़ों के हक की आवाज उठाने से समाज का एक वर्ग मजबूती से साथ खड़ा है
वाराणसी। आरक्षण के मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान का समर्थन करते हुए भाजपा नेता जितेंद्रनाथ पाण्डेय ने कहा कि सही बात बोलने से वोट नहीं खिसकता। उन्होंने कहा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बोलने से अधिकांश लोग बचते हैं, लेकिन मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बेबाक अंदाज में गरीबों और पिछड़ों के अधिकारों की बात रखी है।
आरक्षण के मुद्दे पर बेबाक बयान की सराहना
जितेंद्रनाथ पाण्डेय ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर ने आरक्षण के मुद्दे पर बिना किसी राजनीतिक लाभ-हानि की चिंता किए अपनी बात रखी। उनके मुताबिक मंत्री ने कहा है कि अब समय आ गया है कि राष्ट्रपति, राज्यपाल और जिलाधिकारी जैसे संवैधानिक एवं प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग अपने पिछड़े वर्ग के भाइयों के लिए आरक्षण छोड़ने पर विचार करें।
उन्होंने कहा कि आरक्षण का विषय बेहद संवेदनशील है और इसे लेकर राजनीतिक दलों तथा नेताओं में खुलकर बोलने की हिम्मत कम ही दिखाई देती है। ऐसे में गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के हितों की बात बेबाकी से रखना महत्वपूर्ण है।
‘गरीबों और पिछड़ों के साथ खड़े हैं लोग’
भाजपा नेता ने कहा कि साफ-सुथरी बात करने और गरीबों तथा पिछड़ों के अधिकारों की आवाज उठाने के कारण समाज का एक वर्ग ओमप्रकाश राजभर के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक होने के बावजूद मंत्री द्वारा इस मुद्दे पर अपनी बात रखना उनके अनुसार यह दर्शाता है कि उन्होंने राजनीतिक नफा-नुकसान से ऊपर उठकर अपनी राय रखी है।
प्रबुद्ध सम्मेलन में हुआ स्वागत
यह बात माता तपेश्वरी इंटर कॉलेज में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के दौरान कही गई। कार्यक्रम में संस्थान के प्रबंध निदेशक जितेंद्रनाथ पाण्डेय ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
इस दौरान उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जितेंद्रनाथ पाण्डेय ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के अधिकारों और सम्मान को लेकर सकारात्मक चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि वंचित और पिछड़े वर्ग के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में समान अवसर की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।
