गाजीपुर
सरकारी नाले पर अतिक्रमण से 500 बीघा खेती जलमग्न, किसानों की फसलें संकट में
मंगारी गांव में जल निकासी ठप होने से धान और दलहन की फसलें प्रभावित, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप- अतिक्रमण और वर्षों से सफाई नहीं होने से बढ़ी समस्या, सचिव ने निरीक्षण का दिया आश्वासन
भीमापार (गाजीपुर)। सादात विकासखंड की ग्राम पंचायत मंगारी के राजभर बस्ती में सरकारी नाले पर कथित अतिक्रमण और वर्षों से सफाई न होने के कारण बरसात का पानी खेतों में भर गया है। जलभराव से क्षेत्र की करीब 500 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हुई है। दो दर्जन से अधिक किसानों की धान एवं दलहन की फसलें पानी में डूबने से खराब होने लगी हैं। किसानों ने प्रशासन से नाले की सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
अतिक्रमण से बंद हुआ नाला, खेतों में भरा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, राजभर बस्ती के बीच स्थित लगभग 200 मीटर लंबे और 10 फीट चौड़े सरकारी नाले से आसपास के खेतों का वर्षा जल आगे बंबा तक पहुंचता था। उनका आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में नाले के किनारे अतिक्रमण होने और समय पर सफाई नहीं होने से नाला लगभग बंद हो गया। इसके चलते बारिश का पानी खेतों में जमा हो गया और धान की रोपी गई फसलें गलने लगी हैं।
किसानों ने बताई फसल बर्बाद होने की पीड़ा
प्रभावित किसानों पप्पू राजभर, रामहर्ष राजभर, कमलेश कुमार सिंह, दयाल कुशवाहा, सुभाष राजभर, हरिश्चंद्र राजभर, लालू राजभर तथा रामलगन कुशवाहा सहित अन्य किसानों ने बताया कि अत्यधिक बारिश और जल निकासी की व्यवस्था बाधित होने से उनकी फसलें लगातार खराब हो रही हैं। उनका कहना है कि यदि बरसात से पहले नाले की सफाई करा दी जाती तो यह स्थिति नहीं बनती।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीण सौरभ दुबे, रामशंकर, मुनेश कुमार, राजकिशोर, रामबहादुर, विनय कुमार, राजेंद्र सिंह, आदेश कुमार, प्रेमशंकर, दिनेश चंद्र, श्याम किशोर, नीलेश बाबू और सुनीता सहित अन्य लोगों ने बताया कि नाला बंद होने से पानी निकालने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाकर नाले की सफाई करा दी जाए तो जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस संबंध में जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
जल्द होगा निरीक्षण
ग्राम पंचायत सचिव ने बताया कि एक-दो दिन के भीतर मौके का निरीक्षण कर नाले की सफाई की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी। किसानों ने फसलों के नुकसान का सर्वे कर उचित राहत प्रदान करने की भी मांग की है।
