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जौनपुर

सड़क हादसे में घायल युवक की 14 दिन बाद मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप

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जौनपुर। बदलापुर कस्बे के भलुआहीं वार्ड निवासी 28 वर्षीय अरबाज उर्फ रोमी सिद्दीकी की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 14 दिन तक चले इलाज के दौरान मंगलवार की रात लखनऊ में मौत हो गई। युवक के पिता ने नगर स्थित दुर्गा सिटी अस्पताल के चिकित्सक पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया है, जबकि डॉक्टर ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 मार्च को 75 वर्षीय मोहम्मद लालसाहब अपने पोते अरबाज के साथ बाइक से जौनपुर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बक्शा थाना क्षेत्र के कुल्हनामऊ के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसी दिन वृद्ध लालसाहब की मौत हो गई थी।

वहीं गंभीर रूप से घायल अरबाज का इलाज जिले के दुर्गा सिटी अस्पताल में चल रहा था। मृतक के पिता सलीम का आरोप है कि बेटे के दाहिने पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद चिकित्सक द्वारा महंगे इंजेक्शन और दवाएं दी गईं, जिसके दुष्प्रभाव से उसके पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया और हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

परिजनों का कहना है कि 22 मार्च को जब युवक की हालत अधिक गंभीर हो गई तो अस्पताल प्रशासन ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया और वहां ले जाने का दबाव बनाया। आरोप है कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज के नाम पर पैसे भी लिए गए। लखनऊ पहुंचने पर डॉक्टरों ने संक्रमण बढ़ने की वजह से युवक का पैर काटने की सलाह दी। परिजनों ने ऑपरेशन की अनुमति दे दी, लेकिन पैर काटने के बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी।

इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परिजन अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।

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उधर, संबंधित चिकित्सक ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि हादसे में दोनों को अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। वृद्ध की उपचार के दौरान ही मौत हो गई थी, जबकि अरबाज के पैर की हड्डी टूटने से गहरा घाव बन गया था, जिससे संक्रमण फैल रहा था। डॉक्टर के अनुसार परिजनों को शुरुआत से ही बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का उद्देश्य हमेशा मरीज की जान बचाना होता है और लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

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