आजमगढ़
अमृत सरोवर की बदहाली ने खोली विकास कार्यों की पोल
फैजुल्लापुर की पोखरी का टूटा किनारा और उगी झाड़ियां देख ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जांच की मांग
मोहम्मदपुर (आजमगढ़)। 15 अगस्त से पहले गांवों में अमृत सरोवरों के जरिए स्वच्छता, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की तस्वीर पेश करने की तैयारी है। वहीं विकासखंड मोहम्मदपुर की ग्राम सभा फैजुल्लापुर में सरकारी योजना के तहत कराए गए पोखरी सुंदरीकरण कार्य की मौजूदा स्थिति सवाल खड़े कर रही है। पोखरी का किनारा कई जगह टूटा और जर्जर है, जबकि आसपास झाड़ियां उगी हैं और साफ-सफाई का भी अभाव नजर आ रहा है।
लाखों के काम पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पोखरी के सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी धन खर्च किया गया, लेकिन मौके पर काम की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। हालांकि, सरकारी अभिलेखों की जांच के बिना धन के दुरुपयोग या गबन की पुष्टि नहीं की जा सकती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराने की मांग की है।
प्रधान-सचिव की भूमिका की जांच की मांग
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान दिनेश कुमार और ग्राम पंचायत सचिव मनीष यादव की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्य की स्वीकृत लागत, निकाली गई धनराशि और मौके पर हुए वास्तविक कार्य का मिलान कराया जाना चाहिए।
अभिलेखों से सामने आएगी हकीकत
ग्रामीणों के मुताबिक कार्य की माप पुस्तिका (एमबी), कार्यादेश, तकनीकी स्वीकृति, भुगतान विवरण, मस्टर रोल, सामग्री के बिल-वाउचर और जियो-टैग फोटो की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। यदि अभिलेखों और धरातल पर हुए कार्य में अंतर मिलता है तो संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी और जिला प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर अभिलेखों का मिलान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि अमृत सरोवर योजना के तहत हुआ कार्य कितना गुणवत्तापूर्ण है और सरकारी धन का वास्तविक उपयोग किस तरह हुआ।
