मिर्ज़ापुर
संदिग्ध परिस्थितियों में कच्चे मकान में लगी आग, एक लाख रुपये नकद सहित गृहस्थी का सामान राख
सो रही महिला ने दो बच्चों को बाहर निकालकर बचाई जान, टला बड़ा हादसा
खाद्यान्न, आभूषण, कूलर और कपड़े समेत लाखों का सामान नष्ट, पीड़िता ने मांगी सहायता
ड्रमंडगंज (मीरजापुर)। क्षेत्र के लहुरियादह गांव में बुधवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक खपरैलयुक्त कच्चे मकान में आग लग गई। हादसे में एक लाख रुपये नकद सहित गृहस्थी का अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। संयोगवश घर में सो रही महिला की समय रहते नींद खुल गई, जिससे वह अपने दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही और बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, लहुरियादह गांव निवासी पन्नालाल धइकार के मकान में बुधवार रात करीब एक बजे अचानक आग लग गई। उस समय उनकी पत्नी सोनू देवी अपने दो बच्चों के साथ घर में सो रही थीं। आग की लपटें उठने पर उनकी नींद खुली तो उन्होंने देखा कि पूरा मकान धू-धू कर जल रहा है। उन्होंने तत्काल बच्चों को जगाकर घर से बाहर निकाला और शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी।
महिला की आवाज सुनकर ग्रामीण बाल्टी और डिब्बों में पानी लेकर मौके पर पहुंचे तथा आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम के कर्मियों सोहनलाल, वेद प्रकाश, राजेश कुमार और सुभाष कुमार ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि तब तक घर में रखा एक लाख रुपये नकद, खाद्यान्न, सोने-चांदी के आभूषण, कूलर, मोबाइल फोन, चारपाई, कपड़े तथा अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था।
घटना की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक ड्रमंडगंज राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की। पीड़िता सोनू देवी ने बताया कि उनके पति रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं और घर की छत बनवाने के लिए एक लाख रुपये भेजे थे, जिन्हें अटैची में सुरक्षित रखा गया था। आग लगने से वह रकम भी जलकर राख हो गई।
पीड़िता ने तहसील प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और मामले की जांच जारी है।
