गाजीपुर
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे राजकीय विद्यालय, गिने-चुने स्टाफ के भरोसे चल रही पढ़ाई
जीजीआईसी में प्रवक्ता के 10 में से 7 और एलटी के 8 में से 6 पद खाली, हाईस्कूल सौरी में भी तीन पद रिक्त
मानदेय पर विज्ञान शिक्षक रखकर चल रही व्यवस्था, रिक्त पद भरने की उठी मांग
सादात (गाजीपुर)। जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में वर्षों से शिक्षकों की भर्ती नहीं होने के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अधिकांश विद्यालय गिने-चुने शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं। शिक्षकों की कमी का असर छात्र-छात्राओं के नामांकन और शैक्षणिक माहौल पर भी देखने को मिल रहा है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद अधिकांश विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षा से कम है।
जीजीआईसी में अधिकांश पद रिक्त
सादात बाजार स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में सभी बुनियादी सुविधाएं और करीब 200 छात्राएं होने के बावजूद शिक्षिकाओं की भारी कमी बनी हुई है। इंटर स्तर पर प्रवक्ता के कुल 10 पद स्वीकृत हैं, जिनमें केवल तीन पर तैनाती है, जबकि सात पद रिक्त हैं। रिक्त विषयों में अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, नागरिक शास्त्र और हिंदी शामिल हैं।
वहीं एलटी ग्रेड के आठ पदों में केवल दो पद भरे हैं और छह पद रिक्त हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, कला और संस्कृत विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
एक शिक्षिका निभा रही कई जिम्मेदारियां
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य मंजू प्रकाश संस्कृत प्रवक्ता होने के साथ-साथ प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं और नियमित रूप से संस्कृत की कक्षाएं भी ले रही हैं। अन्य शिक्षिकाएं भी अपने विषयों के अलावा खाली पीरियड में अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पढ़ाई का संचालन कर रही हैं।
मानदेय पर पढ़ाए जा रहे विज्ञान के विषय
प्रधानाचार्य मंजू प्रकाश ने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विज्ञान विषय के दो शिक्षकों को मानदेय पर रखा गया है, जिनका भुगतान विद्यालय स्तर से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां हो जाएं तो विद्यालय में छात्राओं की संख्या और बेहतर की जा सकती है।
राजकीय हाई स्कूल सौरी में भी स्टाफ की कमी
राजकीय हाई स्कूल सौरी में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। यहां सात स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल चार शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि तीन पद रिक्त हैं। हिंदी, गणित और कला विषय के शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय में करीब 200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वर्तमान में सामाजिक विज्ञान के वीरेन्द्र कुमार, अंग्रेजी के जमुना यादव, संस्कृत के आलोक यादव और विज्ञान के पंकज मौर्य कार्यरत हैं। प्रधानाध्यापक का पद रिक्त होने के कारण जमुना यादव को प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
