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बलिया

बेरुआरबारी पीएचसी में चिकित्सक तैनाती पर उठे सवाल, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीण चिंतित

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जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद तैनाती को लेकर चर्चा, फिजिशियन नियुक्ति की मांग तेज

बेरुआरबारी (बलिया)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेरुआरबारी में चिकित्सक की तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय ग्रामीणों तथा कुछ कर्मचारियों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग उठाते हुए नियमित चिकित्सकीय सेवाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई है।

तैनाती को लेकर कर्मचारियों में असंतोष

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी से संबद्ध चिकित्सक डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर अभी भी बेरुआरबारी पीएचसी में कार्यरत हैं, जबकि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्हें उनकी मूल तैनाती स्थल पर सेवा देने के निर्देश दिए गए थे। कर्मचारियों का कहना है कि तैनाती को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बन चुकी है।

कुछ कर्मचारियों ने चिकित्सक के व्यवहार को लेकर विभागीय अधिकारियों से शिकायत किए जाने का दावा भी किया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही स्वास्थ्य सेवाएं

ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचसी की अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित हो रही हैं। उनका कहना है कि दोपहर बाद मरीजों को पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाती और रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावी ढंग से उपलब्ध नहीं हैं।

इसके चलते गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई बार उन्हें अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है।

फिजिशियन की नियुक्ति की उठी मांग

क्षेत्रीय नागरिकों ने मुख्य चिकित्साधिकारी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरुआरबारी में एक नियमित फिजिशियन की नियुक्ति करने तथा 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।

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स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की जरूरत

ग्रामीणों का मानना है कि पीएचसी पर पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ और नियमित निगरानी से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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