आजमगढ़
नेहरू हॉल में शिक्षामित्रों की हुंकार, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह से न्याय की गुहार
रक्षासूत्र बांधकर शिक्षामित्र बहनों ने कहा- सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाइए
आजमगढ़। शहर स्थित नेहरू हॉल के सभागार में शनिवार को टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्र उत्थान समिति, उत्तर प्रदेश (जनपद आजमगढ़) के तत्वावधान में शिक्षामित्र संवाद एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शिक्षामित्रों ने भाग लिया और वर्षों से लंबित समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग उठाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह रहे। अध्यक्षता उमाशंकर सिंह ने की। आयोजन समिति के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा ने अतिथियों का अंगवस्त्र, मोमेंटो और माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र जी ने किया।
शिक्षामित्रों ने बताई अपनी समस्याएं
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने अपनी समस्याओं को मंच के माध्यम से रखा। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के लाखों शिक्षामित्र पिछले दो दशकों से प्राथमिक विद्यालयों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन आज भी आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समान कार्य करने के बावजूद उन्हें समान सम्मान और उचित वेतन नहीं मिल पा रहा है। शिक्षामित्रों ने स्थायी सेवा नीति बनाए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
रक्षासूत्र बांधकर रखी सम्मान की मांग
कार्यक्रम का भावुक क्षण तब आया जब महिला शिक्षामित्रों ने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को भाई मानते हुए उनके हाथों में रक्षासूत्र बांधा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें भी सहायक अध्यापकों के समान सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि यदि स्थायी समाधान संभव नहीं है तो कम से कम मानदेय में इतनी वृद्धि की जाए कि वे अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर सकें।
एमएलसी ने सरकार तक आवाज पहुंचाने का दिया भरोसा
शिक्षामित्र उत्थान समिति की ओर से एमएलसी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में टेट/सीटेट उत्तीर्ण शिक्षामित्रों के लिए स्थायी सेवा नीति बनाने, नियमावली में संशोधन करने और नॉन-टेट शिक्षामित्रों को विभागीय टेट परीक्षा का अवसर देने की मांग की गई।
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षामित्रों को आश्वासन देते हुए कहा कि वह उनकी समस्याओं और संघर्ष से पूरी तरह परिचित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी मांगों को प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
उन्होंने शिक्षामित्रों के वेतन, सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में राममिलन प्रजापति, अवनीश चौबे, विभा सिंह, अभिनेश राय, किरण राय, ममता सिंह, राजेश राय, वंदना सिंह, राकेश यादव, डिंपू सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन शिक्षामित्रों के सम्मानजनक भविष्य के संकल्प के साथ हुआ।
