बलिया
जमुआ में फिर भड़का कूड़ा डंपिंग विवाद, ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
घनी आबादी और धार्मिक स्थलों के पास कचरा फेंकने का आरोप, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
बलिया। सदर तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा जमुआ में एक बार फिर कूड़ा डंपिंग का मामला तूल पकड़ने लगा है। घनी आबादी और धार्मिक स्थलों के समीप दोबारा कचरा गिराए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा पहले बंद कराई गई डंपिंग को दोबारा शुरू कर दिया गया है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
पहले बंद हुई थी डंपिंग, फिर शुरू होने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कराकर संबंधित स्थान पर कूड़ा डंपिंग बंद करा दी थी। इसके बावजूद अब कथित रूप से उसी स्थान पर फिर से कचरा डाला जा रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध, गंदगी और प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।
धार्मिक स्थलों की पवित्रता और स्वास्थ्य पर खतरे की चिंता
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम देव मंदिर, धरीछन दास की कुटी, खड़ुआ बाबा मंदिर तथा छठ पूजा स्थल के आसपास कूड़ा फेंके जाने से क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की पवित्रता भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से जनस्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पांच प्रमुख मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
छात्र नेता रमेश गिरी के नेतृत्व में चंचल, नीतीश कुमार, मुकेश प्रजापति सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि आबादी से कम से कम एक किलोमीटर दूर कूड़ा डंपिंग की व्यवस्था की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वर्तमान स्थान पर कचरा फेंकना तत्काल बंद कराया जाए।
समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन जनहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाएगा।
