बलिया
विधानसभा चुनाव से पहले बलिया की सियासत गरमाई, प्रमुख दलों में बढ़ी टिकट की जंग
दावेदारों की लंबी कतार से बढ़े बगावत के आसार, असंतुष्ट नेताओं पर बसपा की नजर
बलिया। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जिले की राजनीति पूरी तरह सक्रिय हो गई है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), सुभासपा और अन्य दल संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन में जुटे हैं। हालांकि अभी तक अधिकांश सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय नहीं होने से टिकट के दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण के बाद कई दलों में बगावत की स्थिति बन सकती है।
सपा में अंदरूनी खींचतान की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान को लेकर है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर असंतोष बताया जा रहा है कि कुछ नेताओं द्वारा अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, लोकसभा चुनाव के बाद संगठन और जनसंपर्क को लेकर भी कार्यकर्ताओं के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। हालांकि बांसडीह क्षेत्र से संभावित दावेदार नीरज सिंह गुड्डू ने सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
असंतुष्ट नेताओं पर बसपा की नजर
लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस बार संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं पर भी नजर बनाए हुए है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, यदि प्रमुख दलों में टिकट वितरण से कुछ नेता नाराज होते हैं तो बसपा उन्हें अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर सकती है। चर्चा यह भी है कि विभिन्न दलों के कई दावेदार बसपा नेतृत्व के संपर्क में हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
टिकट वितरण के बाद बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टिकटों की घोषणा के बाद जिले की चुनावी तस्वीर काफी हद तक बदल सकती है। कई सीटों पर बागी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने की संभावना से मुकाबले त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकते हैं। ऐसे में सभी प्रमुख दल संगठन को एकजुट रखने और असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
