बलिया
16.61 करोड़ की कटानरोधी परियोजना पर सरयू का कहर, 25 बीघा उपजाऊ जमीन नदी में समाई
सिकंदरपुर के पुरुषोत्तम पट्टी और निपनिया के सामने जियो ट्यूब व परकोपाइन बहे, गांवों पर मंडराने लगा खतरा
सिकंदरपुर (बलिया)। सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज कटान एक बार फिर तहसील क्षेत्र के पुरुषोत्तम पट्टी और निपनिया गांवों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। नदी के उफान ने कटान रोकने के लिए बनाई गई करीब 16.61 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग द्वारा पूर्व में बनाए गए 14 करोड़ रुपये के स्पर तथा हाल ही में 2.61 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए जियो ट्यूब और परकोपाइन तेज बहाव में बह गए, जिससे नदी करीब 50 मीटर और भीतर तक पहुंच गई है।
25 बीघा कृषि भूमि जलमग्न, किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट
कटान के चलते अब तक करीब 25 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि सरयू नदी में समा चुकी है। किसान संतोष यादव, तीर्थराज यादव, चनर यादव और राजेंद्र यादव सहित कई परिवार अपनी आंखों के सामने वर्षों की मेहनत से तैयार खेतों को नदी में विलीन होते देख रहे हैं। इससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अधूरे सुरक्षा कार्यों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ और कटान से बचाव के लिए शुरू किए गए आपातकालीन कार्य समय पर पूरे नहीं किए गए। उनका कहना है कि कई स्थानों पर परकोपाइन किनारे ही पड़े रह गए और उनका उपयोग नहीं हो सका, जबकि जियो ट्यूब भी तेज धारा का सामना नहीं कर पाए। ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही को कटान बढ़ने का प्रमुख कारण बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राहत कार्य का आश्वासन, लेकिन ग्रामीणों में बना हुआ है डर
मामले में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि कटान रोकने के लिए जल्द ही नए सिरे से राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे। हालांकि लगातार बढ़ते कटान और सुरक्षा कार्यों के विफल होने से क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में गांवों पर भी खतरा गहरा सकता है।
