मिर्ज़ापुर
बीएसएफ से सेवानिवृत्त एसआई प्यारे लाल का गांव में भव्य स्वागत
ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ निकला जुलूस, ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर किया सम्मान
सीखड़/मिर्ज़ापुर। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से उप निरीक्षक (एसआई) पद से सेवानिवृत्त होकर अपने पैतृक गांव बगहा लौटे प्यारे लाल का ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, डीजे और जुलूस के साथ भव्य स्वागत किया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनके राष्ट्रसेवा के योगदान का सम्मान किया।
1988 में बीएसएफ ज्वाइन कर देशभर में दी सेवाएं
प्यारे लाल ने इंटरमीडिएट की शिक्षा श्री शिवाजी नेशनल इंटर कॉलेज, हौसीपुर से प्राप्त करने के बाद वर्ष 1988 में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती होकर अपनी सेवाएं शुरू की थीं। उन्होंने अपने सेवा काल में देश के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में रहकर राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सेवानिवृत्ति के बाद उनके गृहग्राम लौटने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
शहीद स्मारक और डॉ. आंबेडकर प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
गांव पहुंचने पर प्यारे लाल ने सबसे पहले आजाद चौक, खैरा स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद चुनार-कछवां मार्ग पर स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके साथ मौजूद रहे।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं प्यारे लाल
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्यारे लाल ने वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए साहस, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया है। उनकी सेवाएं पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय हैं और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती हैं।
ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान धीरज, नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद, नरेंद्र कुमार, प्रभुनाथ, पन्ना, कैलाश नाथ, सुभाष, आशा देवी, नीलम देवी, संगीता देवी, राजेश कुमार, अमित कन्नौजिया, दिवाकर कन्नौजिया, प्रभाकर कन्नौजिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्यारे लाल के बड़े भाई ने जुलूस में शामिल सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उनका मुंह मीठा कराया।
