गाजीपुर
बढ़े गृहकर और ट्रेड शुल्क के विरोध में व्यापारियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
करों में दस गुना तक वृद्धि का आरोप, चेयरमैन बोले—धरने पर बैठे लोग पूरे व्यापार मंडल का प्रतिनिधित्व नहीं करते
जमानियां, गाजीपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा गृहकर, जलकर, जल निकासी कर और ट्रेड लाइसेंस शुल्क में कथित भारी वृद्धि के विरोध में व्यापार मंडल ने शुक्रवार को तहसील मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में क्रमिक अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने पालिका प्रशासन पर मनमाने ढंग से कर बढ़ाने और कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता और नारायण दास चौरसिया ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन ने कई करों में दस गुना तक वृद्धि कर दी है। उनका कहना है कि जो गृहकर पहले करीब 200 से 300 रुपये था, उसे बढ़ाकर तीन हजार से छह हजार रुपये तक कर दिया गया है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक में सदस्यों की केवल उपस्थिति दर्ज कराकर बंद कमरे में प्रस्ताव तैयार किए गए। साथ ही दो वर्षों तक कर वसूली रोके रखने के बाद अब बढ़ी हुई दरों के साथ जबरन वसूली की जा रही है। व्यापारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बढ़े हुए कर वापस लेने की मांग की।
रामलीला मंच पर ताला लगाए जाने पर भी जताई नाराजगी
धरने पर बैठे व्यापारियों ने रामलीला मंच पर ताला लगाए जाने का भी विरोध किया। उनका आरोप है कि मंच को बंद रखकर अन्य लोगों को वहां कार्यक्रम आयोजित करने से रोका जा रहा है। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि जब तक बढ़े हुए कर वापस नहीं लिए जाते और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
चेयरमैन ने कहा—धरने पर बैठे लोग पूरे व्यापार मंडल के प्रतिनिधि नहीं
वहीं, नगर पालिका चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता ने कहा कि धरने पर बैठे लोग पूरे व्यापार मंडल का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में व्यापारियों में व्यापक आक्रोश होगा तो वे स्वयं फील्ड में उतरकर आंदोलन में शामिल होंगे।
धरने में राजेश चौधरी, इस्लाम खां, भोला जायसवाल, कुलेश चौधरी, राकेश जायसवाल, मनोज रौनियार, विंध्याचल शर्मा, अजय गोस्वामी, सत्येंद्र वर्मा, शनि वर्मा, मुन्ना वर्मा और सोनू गुप्ता सहित दर्जनों व्यापारी मौजूद रहे।
