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भदोही

फर्जी स्वतंत्रता सेनानी सर्टिफिकेट से MBBS में दाखिला कराने वाले गिरोह का वांछित सदस्य गिरफ्तार

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भदोही पुलिस ने बहराइच से दबोचा अंतर्जनपदीय आरोपी, लैपटॉप और तीन मोबाइल बरामद

भदोही। फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र तैयार कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पैसे लेकर चिकित्सा स्नातक (एमबीबीएस) में दाखिला कराने के मामले में भदोही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांछित चल रहे एक अंतर्जनपदीय अभियुक्त को बहराइच जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

संदिग्ध प्रमाण पत्र मिलने पर दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2025 को ज्ञानपुर थाने में शिकायतकर्ता शाहिद अली पुत्र दानिश खां निवासी गोरी खमरिया, थाना औराई, जनपद भदोही ने प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें राजकीय और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित व उपाश्रित श्रेणी के अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्रों को संदिग्ध और कूटरचित बताया गया था। मामले में थाना ज्ञानपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

जांच में अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा

विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले मिर्जापुर निवासी शुभम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कथित गिरोह के सरगना संजय दुबे का नाम सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और विवेचना जारी थी।

बहराइच के गेस्टहाउस से आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में स्वाट और सर्विलांस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद टीम ने बहराइच के रामगांव थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सोहरवा के नंदा इंस्टिट्यूट गेस्टहाउस से अंतर्जनपदीय वांछित अभियुक्त दिनेश कुमार वर्मा पुत्र मुन्नू राम वर्मा, निवासी नौतला, थाना रामगांव, जनपद बहराइच, उम्र करीब 42 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया।

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संगठित गिरोह बनाकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र तैयार कराता है। आरोप है कि इन फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को एमबीबीएस सहित विभिन्न सरकारी नौकरियों में भर्ती कराने का काम किया जाता था।

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह द्वारा पूर्व में फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र के आधार पर पुलिस भर्ती-2023 में भी चयन कराने का मामला सामने आया था। उस मामले में भदोही पुलिस द्वारा गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बात कही गई है।

लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद

गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से डेल कंपनी का एक लैपटॉप तथा इटेल, वीवो और मोटोरोला कंपनी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों और संभावित आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा

मामले में थाना ज्ञानपुर पर मुकदमा संख्या 223/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा बढ़ोत्तरी धारा 61(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल उपनिरीक्षक राजकुमार पाण्डेय, हेड कांस्टेबल बृजेश सिंह, कांस्टेबल दीपक कुमार यादव, सुनील पाल और हिमांशु सिंह शामिल रहे।

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