जौनपुर
पुलिस की कार्यशैली पर मानवाधिकार संगठन ने जताई नाराजगी
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला, एसपी ने जांच सीओ सिटी को सौंपी
जौनपुर। हिंदुस्तान मानवाधिकार के जिला कैंप कार्यालय पर मंगलवार को आयोजित विशेष बैठक में पुलिस की कथित अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक कार्यशैली को लेकर गंभीर चर्चा की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने बीते 16 जुलाई को सेवानिवृत्त पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधक एवं संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञान कुमार के साथ लाइन बाजार थाना पुलिस द्वारा कथित रूप से किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एवं मिशन रिमूव करप्शन के संचालक वकार हुसैन ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञान कुमार को कथित फर्जी आरोपों के आधार पर घंटों थाने के लॉकअप में रखा गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
वकार हुसैन ने बताया कि ज्ञान कुमार ने घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और इलाहाबाद हाईकोर्ट सहित संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन और रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से शिकायत भेजी है। उन्होंने मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए लाइन बाजार थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की संबंधित अवधि की फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की।
संगठन के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं और जांच की जिम्मेदारी सीओ सिटी को सौंपी गई है। संगठन ने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में सिविल कोर्ट के डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल के अधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्था के जिला महासचिव डॉ. नौशाद अली मिंटू ने किया। इस दौरान ज्ञान कुमार, सेवानिवृत्त प्रवक्ता सूबेदार सिंह, ऋषि कुमार, एडवोकेट सकलैन हैदर, शिवानंद, हसनैन कमर दीपू समेत कई लोग उपस्थित रहे।
