बलिया
जिला सहकारी बैंक की वार्षिक बैठक का कांग्रेस नेता रूपेश चौबे ने किया बहिष्कार
बैठक में दलगत राजनीति का लगाया आरोप, सहकारिता के मूल सिद्धांतों की अनदेखी का किया दावा
बलिया। कुंवर उपवन में आयोजित जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, बलिया की 46वीं वार्षिक सामान्य बैठक (एलजीएम) के दौरान राजनीतिक विवाद सामने आया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के सदस्य एवं रानीगंज क्रय-विक्रय केंद्र के उपाध्यक्ष रूपेश चौबे ने बैठक का बहिष्कार करते हुए आयोजन में दलगत राजनीति किए जाने का आरोप लगाया। उनके साथ उनकी पत्नी, बलिया डीसीएफ की निदेशक एवं युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी चौबे भी विरोध में शामिल रहीं।
रूपेश चौबे ने कहा कि सहकारिता का मूल सिद्धांत सभी विचारधाराओं और राजनीतिक दलों को साथ लेकर चलना है, लेकिन बैठक में सहकारिता के प्रतीकों की अनदेखी की गई। उनका आरोप था कि परिसर में केवल एक राजनीतिक दल से जुड़े होर्डिंग और बैनर लगाए गए, जिससे कार्यक्रम की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
सहकारिता के सिद्धांतों की अनदेखी का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सहकारिता जैसे साझा मंच का उपयोग किसी एक राजनीतिक दल के प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, इस प्रकार की व्यवस्था लोकतांत्रिक मूल्यों और सहकारिता की भावना के विपरीत है।
हालांकि, इस संबंध में जिला सहकारी बैंक या आयोजन समिति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
