गोरखपुर
गोरखपुर तहसील दिवस: डीएम, डीआईजी और एसएसपी ने सुनीं जनसमस्याएं
भूमि विवाद, पुलिस शिकायतों और राजस्व मामलों पर अधिकारियों ने लिया संज्ञान
कई मामलों का मौके पर समाधान, शेष के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
गोरखपुर। जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से सोमवार को सदर तहसील में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा, डीआईजी शिवासिम्पी चन्नप्पा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने संयुक्त रूप से फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए।
तहसील दिवस में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरण, पुलिस शिकायतें, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने, अतिक्रमण, आपसी विवाद तथा अन्य प्रशासनिक शिकायतें प्रमुख रहीं। अधिकारियों ने सभी प्रार्थना-पत्रों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाएं नागरिक
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी समाधान होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि मौके पर जाकर जांच कर वास्तविक समस्या का समाधान करें। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को एक ही समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राजस्व और पुलिस विभाग के बेहतर समन्वय पर दिया जोर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीआईजी शिवासिम्पी चन्नप्पा ने राजस्व एवं पुलिस से जुड़े विवादित मामलों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के लिए दोनों विभागों के बेहतर समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों से लोगों को शीघ्र राहत मिल सकती है और अनावश्यक विवादों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
तहसील दिवस के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर उनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
