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वाराणसी

गरीबों का हक मारने वाले 25 हजार अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त

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वाराणसी। राशन कार्ड को आधार से लिंक किए जाने के बाद उपभोक्ताओं के लिए अपनी आर्थिक स्थिति छिपाना अब संभव नहीं रह गया है। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के साथ विभिन्न विभागों के बीच डेटा का आदान-प्रदान शुरू हो गया है। राशन कार्ड से जुड़ा ‘परफॉर्मेंस इंडेक्स’ हर सप्ताह जारी किया जा रहा है, जिसमें उपभोक्ताओं की अद्यतन स्थिति साझा होती है। जैसे ही कोई उपभोक्ता राशन कार्ड के लिए निर्धारित पात्रता मानकों से ऊपर जाता है, संबंधित जिले को स्वतः इसकी सूचना मिल जाती है। इसके बाद गरीबों का खाद्यान्न लेने वाले ऐसे उपभोक्ताओं का राशन कार्ड ऑनलाइन निरस्त कर दिया जा रहा है।

जिले में जुलाई 2025 से अब तक 25 हजार उपभोक्ताओं के राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। जांच में इनमें कई आयकर दाता पाए गए, जबकि कुछ ने हाल के वर्षों में चार पहिया वाहन या जमीन-जायदाद की खरीद-बिक्री की थी।

राशन कार्ड निरस्त होने के बाद शहरी क्षेत्रों में बहुत कम उपभोक्ता कोटेदार के पास पहुंचते हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में इसे लेकर अक्सर पंचायत होती है। कोटेदार जब परफॉर्मेंस इंडेक्स के आधार पर जानकारी दिखाता है तो अधिकांश लोग तथ्य स्वीकार कर लेते हैं और शिकायत दर्ज कराने से भी बचते हैं। आपूर्ति विभाग के अनुसार सभी राशन कार्ड अब आधार से लिंक हैं, इसलिए यह कहना कठिन है कि कोई उपभोक्ता लंबे समय से अपात्र था। कई मामलों में पहले आय कम थी, बाद में आय बढ़ने पर वाहन या संपत्ति खरीदी गई। जैसे ही आमदनी बढ़ती है, इंडेक्स पर उसकी सूचना मिल जाती है। इसी कारण वसूली जैसी कार्रवाई नहीं की जाती।

राशन कार्ड में प्रयुक्त प्रदर्शन सूचकांक यानी परफॉर्मेंस इंडेक्स राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता और सुधारों को मापने का पैमाना है। इसमें खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और वितरण की प्रक्रिया भी शामिल होती है। इसी सूचकांक के आधार पर राज्यों की रैंकिंग भी तय की जाती है।

शहरी क्षेत्र में आयकर दाता, परिवार के किसी सदस्य के नाम 100 वर्गमीटर से अधिक स्वअर्जित आवासीय प्लॉट या मकान, अथवा 100 वर्गमीटर से अधिक कार्पेट एरिया का फ्लैट, 80 वर्गमीटर से अधिक का व्यावसायिक स्थल, शस्त्र लाइसेंसधारी और जिन परिवारों की कुल वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक है, वे राशन कार्ड के पात्र नहीं माने जाते। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में आयकर दाता, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी या पांच केवीए से अधिक क्षमता का जनरेटर रखने वाले, परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, कुल वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक तथा एक से अधिक शस्त्र लाइसेंसधारी भी अपात्र की श्रेणी में आते हैं।

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आधार से राशन कार्ड जुड़ने के बाद पात्रता से ऊपर जाने वाले उपभोक्ताओं की लगातार पहचान की जा रही है और उनके कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। अपात्र हटने से जरूरतमंदों को नए राशन कार्ड भी जारी किए जा रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई निरंतर चलती रहेगी।

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