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मिर्ज़ापुर

कैशलेस इलाज और समान वेतन की मांग पर अड़े शिक्षक, काली पट्टी बांधकर किया मूल्यांकन

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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बुधवार को जिले के तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने बांह में काली पट्टी बांधकर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया और पुरानी पेंशन की बहाली, कैशलेस इलाज की सुविधा समेत कई मांगें उठाईं।

मंडलीय अध्यक्ष केदार नाथ दूबे ने डीआईओएस कार्यालय में नेतृत्व संभाला, जबकि जिलामंत्री डॉ. रमा शंकर शुक्ल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र बहादुर सिंह और राधाकांत त्रिपाठी ने जीआईसी केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया। बीएलजे केंद्र पर जिलाध्यक्ष सत्यभूषण सिंह और मंडलीय मंत्री गणेश सिंह ने मोर्चा संभाला। राजस्थान इंटर कॉलेज में जिला कार्यकारिणी सदस्य राकेश यादव, उपाध्यक्ष सुरेंद्र बहादुर सिंह, ओम प्रकाश और संदीप कुमार ने नेतृत्व किया।

शिक्षकों ने कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण में पुरानी पेंशन की बहाली, चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 12, 18, 21 की पुनर्स्थापना, वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी निशुल्क चिकित्सा सुविधा की मांग शामिल होगी।

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नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले में एनपीएस (नई पेंशन योजना) में बड़ा घोटाला हुआ है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के खाते में चार करोड़ रुपये मौजूद होने के बावजूद 24 महीने से एनपीएस का अंशदान अपडेट नहीं हुआ है। नौ वर्षों से एनपीएस की डीए कटौती कभी प्रान खाते में भेजी ही नहीं गई।

शिक्षकों ने कहा कि आंदोलन के पहले चरण में सरकार के साथ वार्ता हुई थी, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। सरकार की वादाखिलाफी अब असहनीय है और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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