मिर्ज़ापुर
आईजीआरएस और राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही पर मण्डलायुक्त सख्त
संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर को कड़ी चेतावनी, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई और राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण को बताया शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
मीरजापुर। विन्ध्याचल मण्डल के मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश ने आईजीआरएस, जनसुनवाई एवं राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करें तथा शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें।
30 माह से लंबित वरासत प्रकरण पर जताई नाराजगी
मण्डलायुक्त ने बताया कि पूजा देवी द्वारा दर्ज शिकायत में पंजीकृत वसीयत से संबंधित वरासत का मामला नायब तहसीलदार मीरजापुर के यहां लंबे समय से लंबित होने की जानकारी दी गई थी। जांच के दौरान संबंधित नायब तहसीलदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार फोन काट दिया।
इसके बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी सदर महेन्द्र सिंह से दूरभाष पर वार्ता की गई। उन्होंने बताया कि संबंधित नायब तहसीलदार को क्षेत्र में भेजा गया है। जब उनसे मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऐसे किसी निर्देश की जानकारी होने से इनकार किया।
राजस्व संहिता की समयसीमा का उल्लंघन
मण्डलायुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अनुसार वरासत के मामलों का निस्तारण अधिकतम तीन माह में किया जाना चाहिए, जबकि संबंधित मामला लगभग 30 माह से लंबित है। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि यह शासन की मंशा और प्रशासनिक जवाबदेही के विपरीत है।
उप जिलाधिकारी को दी गई कठोर चेतावनी
मण्डलायुक्त ने संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर को भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की चेतावनी देते हुए जनसुनवाई और राजस्व वादों के प्रभावी पर्यवेक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में उदासीनता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सभी अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मण्डलायुक्त ने मण्डल के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
लापरवाही पर होगी निलंबन की कार्रवाई
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी मीरजापुर को निर्देश दिया गया कि 30 माह तक लंबित रहे वरासत प्रकरण में जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मण्डलायुक्त ने कहा कि जनसुनवाई, आईजीआरएस और राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण से ही आम जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा तथा मीरजापुर सहित पूरे विन्ध्याचल मण्डल की रैंकिंग प्रदेश स्तर पर बेहतर हो सकेगी।
