मिर्ज़ापुर
बेटी को दफनाने पहुंचे परिजन, कब्रिस्तान का गेट मिला बंद
ताला तोड़कर किया गया सुपुर्द-ए-खाक, लोगों में नाराजगी
फूलबाग कब्रिस्तान की व्यवस्था पर उठे सवाल
गोपीगंज, भदोही। नगर के फूलबाग ईदगाह के समीप स्थित कब्रिस्तान में सोमवार देर शाम एक भावुक और असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक किशोरी के जनाजे को सुपुर्द-ए-खाक करने पहुंचे परिजनों को कब्रिस्तान का मुख्य द्वार बंद मिला। घटना के बाद मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई और काफी इंतजार के बाद मजबूरन ताला तोड़कर दफन की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
पोस्टमार्टम के बाद दफनाने पहुंचे थे परिजन
जानकारी के अनुसार नगर की एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सोमवार देर शाम परिजन, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जनाजा लेकर फूलबाग कब्रिस्तान पहुंचे। वहां पहुंचने पर मुख्य गेट पर ताला लगा मिला, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
चाबी के लिए किया गया संपर्क
मौके पर मौजूद लोगों ने कब्रिस्तान की देखरेख से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। स्थानीय युवकों वसीम अहमद, अर्श रजा और सैफी ने बताया कि चाबी प्राप्त करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें चाबी देने से इंकार कर दिया गया।
मजबूरी में तोड़ा गया ताला
काफी देर तक इंतजार करने और कोई समाधान न निकलने पर उपस्थित लोगों ने मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया। इसके बाद जनाजे को कब्रिस्तान के भीतर ले जाकर धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार किशोरी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
लोगों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना था कि शोक की घड़ी में परिजनों को इस तरह की परेशानी का सामना करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कई लोगों ने कहा कि गोपीगंज में इस प्रकार की घटना पहले कभी नहीं हुई।
प्रबंधन को लेकर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों के अनुसार कब्रिस्तान के प्रबंधन को लेकर दो पक्षों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद की चर्चा है, जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि फूलबाग कब्रिस्तान में वर्षों से सभी समुदायों के लोगों तथा लावारिस शवों को भी बिना किसी बाधा के दफनाया जाता रहा है।
फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने की मांग की है।
