मिर्ज़ापुर
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना से किसानों की आर्थिक समृद्धि के खुले द्वार
योगी सरकार दे रही 80 हजार रुपये तक का अनुदान, दुग्ध उत्पादन को मिल रहा बढ़ावा
242 लाभार्थियों को आज वितरित किए जाएंगे चयन पत्र
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना किसानों और पशुपालकों के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनने का प्रभावी माध्यम साबित हो रही है। जिले में अब तक 148 किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं और उन्नत नस्ल की गायों के पालन से नियमित आय अर्जित कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में चयनित 242 लाभार्थियों को मंगलवार को चयन पत्र वितरित किए जाएंगे।
80 हजार रुपये तक का मिलेगा अनुदान
नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी मनोज दुबे ने बताया कि योजना के तहत पशुपालकों को दो उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने पर कुल लागत का 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य स्वदेशी गौवंश को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, पशुओं में फैलने वाली बीमारियों से बचाव करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
महिलाओं को विशेष प्राथमिकता
योजना में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। निर्धारित लक्ष्य का 50 प्रतिशत हिस्सा महिला दुग्ध उत्पादकों एवं महिला पशुपालकों के लिए आरक्षित किया गया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
गो-पालन से बढ़ रही आय
मिश्रपुर, खेंरा जिगना निवासी लाभार्थी अशोक कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत साहीवाल नस्ल की दो गायें खरीदीं। वर्तमान में वह प्रतिदिन लगभग 16 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी वार्षिक आय में करीब सवा लाख रुपये की वृद्धि हुई है।
वहीं, अनंतरामपट्टी निवासी पंकज कुमार ने बताया कि योजना के तहत खरीदी गई उन्नत नस्ल की गायों से प्राप्त अतिरिक्त दूध को वह गांव की पराग दुग्ध समिति में बेचते हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 5 से 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
242 लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
नोडल अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को 121 महिला एवं 121 पुरुष लाभार्थियों को दुग्ध विकास कार्यालय में चयन पत्र वितरित किए जाएंगे। इसके बाद पात्र लाभार्थियों के खातों में अनुदान की राशि भेजी जाएगी।
केवल उन्नत स्वदेशी नस्लों की खरीद पर मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत पशुपालकों को गिर, साहीवाल, थारपारकर और हरियाणा जैसी उन्नत स्वदेशी नस्लों की गायें खरीदनी होंगी। शासन की शर्तों के अनुसार खरीदी जाने वाली गायें प्रथम या द्वितीय ब्यांत की होनी चाहिए, जिससे दुग्ध उत्पादन का अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस योजना से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, स्वदेशी नस्लों का संरक्षण होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
