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वाराणसी

वाराणसी में बाबा बटुक भैरव का त्रिगुणात्मक श्रृंगार संपन्न

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वाराणसी। बाबा बटुक भैरव नाथ जी, जिन्हें माँ काली के पुत्र और भगवान शिव का अवतार माना जाता है। वार्षिक त्रिगुणात्मक श्रृंगार रविवार को वाराणसी के कमच्छा स्थित प्राचीन बटुक भैरव मंदिर में संपन्न हुआ।

उन्हें संकटों का नाश करने वाला भय और दुःख दूर करने वाला देवता माना जाता है। हिंदू धर्म में बाबा को साहस, सुरक्षा और न्याय के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उनकी आराधना विशेष रूप से नकारात्मक ऊर्जाओं और बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है।

कार्यक्रम के आयोजक महंत जितेंद्र मोहन पुरी “विजय गुरु” ने बताया कि सुबह 4 बजे पंचामृत स्नान के बाद बाबा का सात्विक श्रृंगार किया गया जिसमें 51 किलो सफेद बेला के फूलों का उपयोग हुआ।

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इसके बाद सात्विक विधि से पूजन और आरती की गई। सायं 4 बजे बाबा का राजसी श्रृंगार विभिन्न सुगंधित फूलों और राजसी वस्त्रों से किया गया, जिसके बाद छप्पन भोग अर्पित किया गया।सायं 7 बजे से रुद्र बटुक महायज्ञ प्रारंभ हुआ जो रात्रि 10 बजे तक चला।

इस यज्ञ के लिए मंदिर प्रांगण में स्थित 6 फीट गहरे हवन कुंड को साल में एक बार खोला जाता है। यज्ञ में साकला, मेवा, धान का लावा, शहद, बताशा, तांत्रोक्त जड़ी-बूटियां और शुद्ध देसी घी जैसी सामग्रियों का उपयोग किया गया।

इसमें वाराणसी के अलावा देशभर से भक्तगण शामिल हुए।रात्रि 8 से 9 बजे तक विशेष आरती के बाद बाबा का तामसी श्रृंगार किया गया और तामसी भोग अर्पित किया गया। कार्यक्रम का समापन चक्रासन पूजन के साथ हुआ।

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