बलिया
रसड़ा की पीस कमेटी बैठक में ‘चुनिंदा’ लोगों को बुलाने का आरोप, व्यापार मंडल को नहीं मिली सूचना
व्यापारियों ने जताई नाराजगी, कहा- बाजार व्यवस्था में अहम भूमिका के बावजूद प्रमुख व्यापारिक संगठनों को बैठक से रखा गया दूर
रसड़ा (बलिया)। त्योहारों और महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान नगर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की ओर से आयोजित की जाने वाली पीस कमेटी की बैठकों को लेकर रसड़ा में सवाल उठने लगे हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि थाना रसड़ा में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में गिने-चुने लोगों को बुलाकर औपचारिकता पूरी की जा रही है, जबकि नगर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को बैठक की सूचना तक नहीं दी गई। इससे व्यापारी वर्ग में नाराजगी है।
व्यापारियों का कहना है कि रसड़ा के बाजार और नगर की शांति व्यवस्था बनाए रखने में व्यापारी वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। त्योहारों के दौरान जुलूस, बाजार व्यवस्था, यातायात, पार्किंग, अतिक्रमण और सुरक्षा जैसे कई मुद्दों का सीधा संबंध व्यापारियों से रहता है। ऐसे में पीस कमेटी की बैठक में व्यापार मंडल और प्रमुख व्यापारी नेताओं की भागीदारी नहीं होना प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़ा करता है।
व्यापारियों के अनुसार पीस कमेटी का उद्देश्य केवल कुछ लोगों को बुलाकर बैठक की औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि नगर के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक चर्चा करना है। इसके लिए व्यापार मंडल, व्यापारी संगठन, जनप्रतिनिधि, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है।
सहयोग चाहिए तो बैठक की सूचना क्यों नहीं?
व्यापारी नेताओं का कहना है कि त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान पुलिस-प्रशासन बाजार व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापारियों से सहयोग की अपेक्षा करता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सहयोग की जरूरत होती है तो व्यापारिक संगठनों को साथ लिया जाता है, लेकिन पीस कमेटी की बैठक के समय उन्हें सूचना तक क्यों नहीं दी जाती।
व्यापारियों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या थाना स्तर पर पीस कमेटी के सदस्यों की कोई निर्धारित सूची है। यदि सूची है तो उसमें नगर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल क्यों नहीं किया गया? और यदि ऐसी कोई निर्धारित सूची नहीं है तो बैठक में लोगों को आमंत्रित करने का आधार क्या है?
व्यापार नेताओं ने जताई आपत्ति
बैठक की सूचना नहीं मिलने पर व्यापार कल्याण समिति के संरक्षक सुरेशचंद जायसवाल, अध्यक्ष मोहम्मद यूनुस, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला अध्यक्ष हरिशचंद्र गुप्ता तथा पूर्व जिला महामंत्री इकबाल अंसारी ने आपत्ति जताई।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि पीस कमेटी की बैठक में नगर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि बाजार और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को भी पुलिस के समक्ष रखा जा सके। उनका आरोप है कि पिछले करीब तीन वर्षों से रसड़ा थाने में आयोजित पीस कमेटी की बैठकों में व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है।
व्यापारी नेताओं ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर भविष्य में आयोजित होने वाली पीस कमेटी की बैठकों में नगर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों एवं उनके प्रतिनिधियों को उचित सूचना देकर आमंत्रित करने की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि पीस कमेटी किसी एक वर्ग या चुनिंदा लोगों की बैठक नहीं, बल्कि समाज में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने का माध्यम है। सभी प्रमुख वर्गों को साथ लेकर बैठक आयोजित किए जाने से पुलिस और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा तथा त्योहारों के दौरान संभावित समस्याओं का समाधान पहले से किया जा सकेगा।
