गाजीपुर
पॉक्सो एक्ट की जानकारी से बच्चों को किया जागरूक
वेद इंटरनेशनल स्कूल में विधिक साक्षरता कार्यशाला, बच्चों को अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी सहायता की दी जानकारी
सैदपुर, गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जनपद न्यायाधीश गाजीपुर के निर्देश पर संचालित विधिक जागरूकता अभियान के तहत वेद इंटरनेशनल स्कूल में पॉक्सो एक्ट-2012 को लेकर एक दिवसीय विधिक साक्षरता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि सिविल जज (जू.डि.) बाह्य न्यायालय सैदपुर अश्वनी कुमार-द्वितीय ने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और पॉक्सो कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी।

पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत
विद्यालय परिसर में मुख्य अतिथि के पहुंचने पर चेयरमैन अनिल कुमार श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक पंकज प्रकाश श्रीवास्तव और प्रधानाचार्य रितेश कुमार मिश्रा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद विधिक साक्षरता कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कानूनी संरक्षण
सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने बताया कि पॉक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इसमें बालक, बालिका और दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों में आरोपी हमेशा कोई अजनबी ही हो, यह जरूरी नहीं है। परिचित, रिश्तेदार या देखभाल करने वाला व्यक्ति भी अपराध कर सकता है।

अपराध की स्थिति में बच्चे की गलती नहीं
जज ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अप्रिय घटना के लिए बच्चे को स्वयं को दोषी नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध की जिम्मेदारी अपराधी की होती है। किसी असहज स्थिति का सामना होने पर बच्चे को तुरंत वहां से सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए और माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य विश्वसनीय व्यक्ति को घटना की जानकारी देनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को भी सूचना देने की बात कही गई।

पॉक्सो एक्ट की धाराओं की दी जानकारी
कार्यशाला में पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों को भेदन यौन उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, यौन प्रताड़ना और बाल पोर्नोग्राफी से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। विश्वास या जिम्मेदारी की स्थिति का दुरुपयोग किए जाने पर कानून में कड़े प्रावधान होने की जानकारी भी दी गई।
अपराध की सूचना देना जरूरी
मुख्य अतिथि ने बताया कि पॉक्सो एक्ट की धारा 19 के तहत किसी अपराध की जानकारी या आशंका होने पर उसकी सूचना देना महत्वपूर्ण कानूनी दायित्व है। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों से कहा कि किसी घटना को छिपाने के बजाय उचित माध्यम से उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जानी चाहिए।

बच्चे की पहचान उजागर करना अपराध
कार्यशाला में बताया गया कि पॉक्सो मामलों में बच्चे की पहचान की सुरक्षा का विशेष प्रावधान है। बच्चे का नाम, फोटो, स्कूल या ऐसी कोई जानकारी जिससे उसकी पहचान उजागर हो, सार्वजनिक करना कानून के तहत दंडनीय हो सकता है। पुलिस और चिकित्सा प्रक्रिया में भी बच्चे की गरिमा और गोपनीयता का ध्यान रखा जाता है।
बाल-अनुकूल न्याय प्रक्रिया की जानकारी
विद्यार्थियों को बताया गया कि पॉक्सो मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था है। कार्यवाही बाल-अनुकूल वातावरण में कराने और बच्चे को अनावश्यक मानसिक दबाव से बचाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। चिकित्सीय परीक्षण भी गोपनीयता और गरिमा के साथ किए जाने की व्यवस्था है। बच्चों को विशेषज्ञ सहायता और निशुल्क विधिक सहायता मिलने की जानकारी भी दी गई।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को आपातकालीन सहायता और कानूनी सहायता से जुड़े हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1090 तथा राष्ट्रीय/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया। विद्यार्थियों से कहा गया कि किसी परेशानी की स्थिति में सहायता लेने में झिझक नहीं करनी चाहिए।

बच्चों ने लिखकर पूछे कानूनी सवाल
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को स्लिप वितरित की गईं, जिन पर उन्होंने अपनी जिज्ञासाएं और कानूनी सवाल लिखकर पूछे। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तार से जवाब देते हुए उन्हें कानून और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि किसी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है।

विद्यालय की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
कार्यशाला के बाद मुख्य अतिथि ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर विभिन्न कक्षाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के परिसर और कक्षाओं में वेंटिलेशन, स्वच्छता तथा आपातकालीन निकास की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना की और विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अपने अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

बच्चों को अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील
विद्यालय के प्रबंध निदेशक पंकज प्रकाश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति निरंतर सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय अपने अभिभावक, शिक्षक या संबंधित अधिकारी को जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन और मुख्य अतिथि के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
शिक्षक और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में बासुपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रामचंद्र सिंह, प्रधानाचार्य रितेश कुमार मिश्रा, उपप्रधानाचार्य महेश शुक्ला, कोऑर्डिनेटर अपूर्वा सिन्हा, पूनम श्रीवास्तव, आलोक सिंह कुशवाहा, अभिषेक गुप्ता, राजन गुप्ता, राज वर्मा, शैलेश श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
