आजमगढ़
DIET प्रवक्ताओं की ज्येष्ठता सूची पर विवाद, DPC प्रक्रिया पर उठे सवाल
आजमगढ़, 16 सितंबर। बेसिक शिक्षा विभाग और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के अधीन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के प्रवक्ताओं की ज्येष्ठता सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रभावित प्रवक्ताओं ने ज्येष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए शासन स्तर पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। साथ ही उप-प्राचार्य और प्राचार्य पदों के लिए प्रस्तावित विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने की मांग की है।
प्रवक्ताओं की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ज्येष्ठता सूची पर आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 2 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी। उनका दावा है कि 9 सितंबर की तारीख वाली अंतिम ज्येष्ठता सूची 14 सितंबर को सार्वजनिक की गई। इसके अगले ही दिन 15 सितंबर को उप-प्राचार्य एवं प्राचार्य पदों के लिए DPC की प्रक्रिया के तहत गोपनीय आख्या (ACR) तलब कर ली गई। प्रवक्ताओं का कहना है कि इतनी कम अवधि में प्रक्रिया आगे बढ़ने से उन्हें अपने कानूनी विकल्पों पर विचार करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
विवाद का प्रमुख मुद्दा ज्येष्ठता निर्धारित करने की प्रक्रिया को बताया जा रहा है। प्रवक्ताओं का आरोप है कि अलग-अलग विषयों और अलग-अलग इंटरव्यू बोर्ड के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों के अंकों को एक साथ लेकर मेरिट तैयार की गई। उनका दावा है कि इसके चलते वर्ष 2017 और 2018 में नियुक्त होकर कई वर्षों से सेवा दे रहे कुछ प्रवक्ताओं की तुलना में 2020 और 2021 में सेवा में आए कर्मचारियों की ज्येष्ठता ऊपर हो गई।
प्रेस विज्ञप्ति में ज्येष्ठता नियमावली 1991 के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए मौजूदा प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई है। प्रभावित प्रवक्ताओं का कहना है कि ज्येष्ठता निर्धारण में लागू सेवा नियमों और नियुक्ति के कालक्रम को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रवक्ताओं ने दावा किया है कि MLC और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी शिकायतें एवं आपत्तियां शासन स्तर तक पहुंचाई गई हैं। उनकी मांग है कि DPC की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर ज्येष्ठता सूची की दोबारा समीक्षा की जाए और नियमों के अनुरूप नई सूची जारी की जाए।
प्रवक्ताओं ने आशंका जताई है कि मौजूदा ज्येष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नति होने की स्थिति में विभाग में पदानुक्रम को लेकर विवाद उत्पन्न हो सकता है। हालांकि, ज्येष्ठता सूची और DPC को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभाग या अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। विभाग का आधिकारिक पक्ष मिलने के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
