गोरखपुर
कुआनो नदी में जलकुंभी का कब्जा, दम तोड़ रहीं मछलियां
जल प्रवाह बाधित होने से बढ़ी परेशानी, सफाई नहीं होने पर ग्रामीणों में नाराजगी
गोला बाजार, गोरखपुर। 15 सितंबर। सिकरीगंज से बनकटी तक दर्जनों गांवों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली कुआनो नदी इन दिनों जलकुंभी की भारी समस्या से जूझ रही है। नदी के कई हिस्सों में जलकुंभी इतनी अधिक फैल गई है कि पानी तक दिखाई नहीं दे रहा है। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होने के साथ जलीय जीवों के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
जलकुंभी से थमा नदी का प्रवाह
बेलघाट क्षेत्र से होकर गुजरने वाली कुआनो नदी में बरसात के बाद जगह-जगह जलकुंभी की मोटी परत जमा हो गई है। इसके कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक जलकुंभी के जमे रहने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
मछलियों के मरने का बढ़ा खतरा
जलकुंभी की अधिकता से पानी में ऑक्सीजन की कमी होने की आशंका है। इससे मछलियों समेत अन्य जलीय जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। मछुआरों को नाव चलाने और मछली पकड़ने में भी काफी परेशानी हो रही है।
बदबू और मच्छरों का प्रकोप
नदी किनारे रहने वाले लोगों के अनुसार जलकुंभी सड़ने से दुर्गंध फैल रही है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
सफाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद नदी से जलकुंभी हटाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कुआनो नदी की तत्काल सफाई कराने और जलकुंभी हटवाने की मांग की है, ताकि नदी का प्रवाह सुचारु हो और जलीय जीवन सुरक्षित रह सके।
