गाजीपुर
सीजर के चार मरीज भर्ती, अस्पताल में चिकित्सक नदारद
एक साल पहले फर्जी संचालन के आरोप में दर्ज हुई थी प्राथमिकी, सीज की कार्रवाई भी रह गई थी अधूरी
नंदगंज (गाजीपुर)। चोचकपुर रोड स्थित बरहपुर गांव में संचालित शिव हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एसके सरोज ने 12 सितंबर को अस्पताल का निरीक्षण किया तो मौके पर एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला, जबकि चार मरीज भर्ती पाए गए। इनमें दो मरीज डिलीवरी के लिए सीजर तथा दो बच्चेदानी संबंधी सीजर के उपचार के लिए भर्ती थे।

फाइलों में भी नहीं मिले जरूरी अभिलेख
निरीक्षण के दौरान मरीजों की फाइलों की जांच की गई। इसमें बेहोशी की दवा और सर्जन चिकित्सक द्वारा दी गई दवाओं से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। चिकित्सक की गैरमौजूदगी में मरीजों का उपचार किए जाने को प्रभारी अधीक्षक ने गंभीर लापरवाही बताया।
पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
प्रभारी अधीक्षक के अनुसार, शिव हॉस्पिटल के कथित फर्जी संचालन को लेकर 29 अगस्त 2025 को नंदगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर 14 मई 2026 को अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई प्रस्तावित थी।

टीम पहुंची तो संचालक हुआ फरार
सीज की कार्रवाई के लिए सैदपुर एसडीएम ज्योति चौरसिया, एसीएमओ और पुलिस टीम अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि कार्रवाई की भनक लगते ही अस्पताल संचालक मुख्य गेट बंद कर मौके से फरार हो गया। इसके चलते टीम को वापस लौटना पड़ा और सीज की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
दोबारा संचालन पर उठे सवाल
करीब तीन महीने बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम के दोबारा निरीक्षण में अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति के बावजूद चार मरीजों का भर्ती मिलना और उपचार संबंधी जरूरी अभिलेखों का उपलब्ध न होना विभागीय कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना है कि पूर्व में दर्ज प्राथमिकी और सीज के आदेश के बावजूद अस्पताल के दोबारा संचालन पर विभाग क्या कार्रवाई करता है।
आरोपों की भी हो जांच
स्थानीय लोगों और सूत्रों की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर सुविधा शुल्क लेकर अस्पताल संचालन जारी रखने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और जिलाधिकारी के पूर्व आदेश के अनुपालन को लेकर क्षेत्रीय लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
