Connect with us

गोरखपुर

प्रो. के. पी. सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार संभाला

Published

on

Loading...
Loading...

शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध एवं नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा को मजबूत करना प्राथमिकता

गोरखपुर। प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने मंगलवार शाम दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने प्रति-कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी से कुलपति पद का कार्यभार संभाला। विश्वविद्यालय अतिथि गृह पहुंचने पर अधिकारियों और शिक्षकों ने नवनियुक्त कुलपति का स्वागत किया।

इस अवसर पर प्रो. दिनेश यादव, प्रो. रामवंत गुप्ता, डॉ. राम सेवक सिंह, कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव, अतिथि गृह प्रभारी डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह, अभियंता शशांक श्रीनेत सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।

उच्च शिक्षा और शोध का व्यापक अनुभव

प्रो. के. पी. सिंह को उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। वह जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में बायोफिजिक्स के प्रोफेसर रह चुके हैं। इससे पहले वह महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार तथा महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दी हैं। वह उत्तराखंड काउंसिल फॉर बायोटेक्नोलॉजी के निदेशक भी रह चुके हैं।

रसायन विज्ञान में पीएचडी, नैनोबायोटेक्नोलॉजी में शोध

प्रो. सिंह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में एमएससी, एम.फिल. एवं पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की हैं। उनका शोध कार्य मेम्ब्रेन बायोफिजिक्स, नैनोबायोसेंसर, नैनोमैटेरियल्स, लक्षित औषधि वितरण, नैनो-सिग्नलिंग और आणविक निदान जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने स्लोवाकिया, क्रोएशिया और ब्रिटेन में भी उन्नत शोध कार्य किया है।

Advertisement

उनके नाम बड़ी संख्या में शोध प्रकाशन और पुस्तकें हैं। वह नैनोबायोटेक्नोलॉजी एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय शोधकर्ता रहे हैं।

विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता

कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रो. के. पी. सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध एवं नवाचार, विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा रोजगारपरक शिक्षा को और मजबूत करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से टीम भावना और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों में विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page