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पंडित कमलापति त्रिपाठी का कद पद से कहीं बड़ा था : डॉ. विनय प्रकाश तिवारी
रिपोर्ट: गणेश प्रसाद गुप्ता
चंदौली। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की 121वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि राजनीति में पद अनेक लोगों को मिलता है, लेकिन अपना कद बहुत कम लोग बना पाते हैं। पंडित कमलापति त्रिपाठी ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनका योगदान पद से कहीं बड़ा था।
डॉ. तिवारी ने कहा कि चंदौली को “धान का कटोरा” बनाने में यहां की सिंचाई व्यवस्था और नहरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की दूरदर्शी सोच ने किसानों की खेती और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। आज भी चंदौली के खेतों में लहलहाती धान की फसल में उस सोच की झलक दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में छोटे-छोटे कार्यों का भी व्यापक प्रचार होता है, लेकिन पंडित कमलापति त्रिपाठी के समय न फेसबुक था, न इंस्टाग्राम और न ही व्हाट्सएप। इसके बावजूद उनके किए गए कार्यों को आज भी गांवों की बुजुर्ग पीढ़ी याद करती है। यही किसी जननेता के कार्य की सबसे बड़ी पहचान है।
डॉ. तिवारी ने कहा कि रेल मंत्री के रूप में भी पंडित कमलापति त्रिपाठी ने पूर्वांचल की जरूरतों को मजबूती से राष्ट्रीय पटल पर रखा। वे केवल कांग्रेस की विरासत नहीं, बल्कि चंदौली और पूरे पूर्वांचल की विरासत हैं।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को उनकी विरासत से प्रेरणा लेकर शिक्षा, रोजगार, उद्योग, स्वास्थ्य, तकनीक और आधुनिक कृषि के क्षेत्र में नई “नहरें” तैयार करनी होंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक अवसर पहुंच सकें।
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री या सांसद का कार्यकाल समाप्त हो जाता है, लेकिन समाज के लिए किए गए कार्यों की विरासत कभी समाप्त नहीं होती। पंडित कमलापति त्रिपाठी का कद उनके पद से कहीं बड़ा था, है और रहेगा।
