Connect with us

गाजीपुर

अस्पतालों में बढ़ते जांच के चलन से मरीज परेशान

Published

on

Loading...
Loading...

इलाज का खर्च बढ़ने का आरोप

सामान्य बीमारियों में भी कई जांच लिखे जाने से आर्थिक बोझ बढ़ने की शिकायत, स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग

नंदगंज, गाजीपुर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और तीमारदारों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। मरीजों का कहना है कि कई अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में बीमारी की जांच के लिए विभिन्न प्रकार के परीक्षण कराने की सलाह दी जाती है। आरोप है कि कई बार सामान्य पेट दर्द, सिरदर्द और अन्य छोटी बीमारियों में भी अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, ईसीजी समेत कई जांच लिखे जाने से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

मरीजों के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर जांच कराना कई मामलों में उपचार का आवश्यक हिस्सा होता है, लेकिन जरूरत से अधिक जांच की सलाह मिलने पर परेशानी बढ़ जाती है। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जांच का खर्च इलाज को महंगा बना देता है। कुछ लोगों का कहना है कि जांच के अधिक खर्च के डर से कई गरीब मरीज अस्पताल जाने के बजाय निजी मेडिकल स्टोर से दवा लेकर ही उपचार करने की कोशिश करते हैं।

कुछ मरीजों ने चिकित्सकों और निजी जांच केंद्रों के बीच संभावित सांठगांठ की शिकायत भी की है। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में मरीजों को किसी विशेष जांच केंद्र पर ही जांच कराने के लिए भेजा जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Advertisement

लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। चिकित्सकों द्वारा लिखी जाने वाली जांच की आवश्यकता, जांच केंद्रों की दरों और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं की नियमित निगरानी से स्थिति में सुधार हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पतालों और जांच केंद्रों की नियमित जांच कराने, निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित कराने तथा अनावश्यक जांच की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page