भदोही
राजस्व वसूली और लंबित वादों पर डीएम सख्त
लापरवाही पर जवाबदेही तय करने की चेतावनी
ज्ञानपुर के एसडीएम न्यायिक को कारण बताओ नोटिस के निर्देश, वाणिज्य कर वसूली में कमी पर भी जताई नाराजगी
भदोही। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, करेत्तर राजस्व, राजस्व कार्यों और राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
डीएम ने तहसीलदारों को अमीनवार राजस्व वसूली की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा अभियान चलाकर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। बड़े बकायेदारों से प्रभावी वसूली और नगर निकायों में पीएम स्वनिधि योजना समेत अन्य मदों की बकाया राशि वसूलने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।
पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डीएम ने “न्यायालय आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत अधिक लंबित मामलों वाले ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। तहसील ज्ञानपुर में ऐसे मामलों की संख्या अधिक पाए जाने और कार्य में लापरवाही पर उप जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञानपुर भान सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में स्वामित्व योजना, वसूली, पीएम स्वनिधि, नामांतरण, जनसुनवाई और कृषक दुर्घटना सहायता समेत विभिन्न संकेतकों की समीक्षा की गई। सी और डी श्रेणी वाले संकेतकों को विशेष प्रयास कर ए श्रेणी में लाने के निर्देश दिए गए।
राजस्व न्यायालयों में धारा-24 और 34 के वादों के त्वरित निस्तारण तथा धारा-67 के मामलों में एसओपी का अनिवार्य पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। नायब तहसीलदार ज्ञानपुर भागीरथी द्वारा अधिक मुकदमों के निस्तारण पर उनके कार्य की सराहना की गई।
वाणिज्य कर विभाग की वसूली लक्ष्य से करीब 32 प्रतिशत कम पाए जाने और आरसी के समुचित मिलान न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक से पहले सभी आरसी का कलेक्ट्रेट स्थित सीआरए पटल पर अनिवार्य रूप से मिलान कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
