वाराणसी
नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की नींव : वक्ता
डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने ली नशा मुक्त रहने की शपथ
रैली, साइकिल यात्रा, योग और सेमिनार के माध्यम से दिया गया जनजागरण का संदेश
मिर्जामुराद (वाराणसी)। डॉ. राम मनोहर लोहिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रविवार को “नशा मुक्त युवा : विकसित भारत” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

सरस्वती वंदना और हवन-पूजन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं हवन-पूजन के साथ हुआ। वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल, नवाचार और सकारात्मक गतिविधियों में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए।
विद्यार्थियों को बताए नशे के दुष्प्रभाव
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नशा न करने और समाज को नशा मुक्त बनाने की सामूहिक शपथ भी ली।
रैली, योग और सेमिनार का हुआ आयोजन
कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में जागरूकता रैली, साइकिल रैली, योग अभ्यास और सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह ‘टॉयज’ एवं प्राचार्या प्रो. सुमनलता देवी ने की, जबकि संचालन प्रो. रणधीर सिंह ने किया।
मुख्य वक्ता प्रो. बृजेश जायसवाल और डॉ. कृपा शंकर पाठक ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर डॉ. हेमंत सिंह, डॉ. अखिलेश्वर तिवारी, रवि कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में प्रो. नरेंद्र नारायण राय ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
