वाराणसी
पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच हासिल की पीएचडी, राज्यपाल के हाथों सम्मानित हुईं डॉ. रीता मौर्य
पिंडरा की बहू ने बढ़ाया परिवार का मान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से हिंदी विषय में प्राप्त की डॉक्टरेट
उपलब्धि पर घर पहुंचकर लोगों ने दी बधाई, संघर्ष और मेहनत बनी मिसाल
पिंडरा (वाराणसी)। पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उच्च शिक्षा का सपना साकार करने वाली रीता मौर्य ने हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार और ससुराल का गौरव बढ़ाया है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल के हाथों डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।
रीता मौर्य ने सीमित संसाधनों और पारिवारिक दायित्वों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी और कम समय में शोध कार्य पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की। पीएचडी की उपाधि मिलने के बाद अब वह डॉ. रीता मौर्य के नाम से जानी जाएंगी।
पति और परिवार का मिला सहयोग
रीता मौर्य के पति विवेक मौर्य पिंडरा में फोटो स्टूडियो का संचालन करते हैं। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर रीता ने उच्च शिक्षा की राह में आने वाली चुनौतियों का सामना करते हुए यह सफलता अर्जित की।
बधाई देने वालों का लगा तांता
राज्यपाल के हाथों सम्मानित होने की जानकारी मिलते ही रिश्तेदार, शुभचिंतक और क्षेत्र के लोग उनके घर पहुंचकर बधाई देने लगे। लोगों ने उनकी सफलता को क्षेत्र की बेटियों और महिलाओं के लिए प्रेरणादायी बताया।
डॉ. रीता मौर्य की इस उपलब्धि को शिक्षा के क्षेत्र में संघर्ष, लगन और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
